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    प्लास्टिक चावल की आशंका, नाले में बहा दिया मध्यान्ह भोजन

    Published: Tue, 18 Jul 2017 08:20 AM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 12:19 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    अकलतरा। कई गांवों में प्लास्टिक चावल की शिकायत के बाद सोमवार को अकलतरा ब्लाक के देवकिरारी के उन्नयन प्राथमिक स्कूल में भी प्लास्टिक चावल के संदेह पर पका हुआ पूरा चावल नाले में बहा दिया गया। वहीं इसकी सूचना शिक्षा विभाग व खाद्य विभाग के अधिकारियों को दी गई। संकुल प्रभारी व शैक्षिक समन्वयक मौके पर पहुंचे मगर फूड इंस्पेक्टर में बैठक में होने के कारण दूसरे दिन आने की बात कही।

    जिले में मध्यान भोजन के लिए आबंटित चावल में प्लास्टिक मिले होने की खबर कई गावों से आ गई है। भैंसदा, ससहा और लोहर्सी के बाद अकलतरा ब्लाक के देवकिरारी भाठापारा स्थित शासकीय उन्नयन प्राथमिक शाला में आई है। दोपहर को स्कूल के बच्चों के लिए भोजन बनाया गया।

    भोजन बनने के बाद प्रभारी प्रधान पाठक रामलाल कश्यप को संदेह हुआ कि चावल में कुछ गड़बड़ है तो उन्होंने लड्डू बनाकर उछाला, जिससे वह उछलने लगा। इतने में भी प्रधान पाठक को तसल्ली नहीं हुई तो उन्होंने पड़ोस के एक घर से खुद के खेत के चावल से पके हुए चावल को मंगाकर उसका भी लड्डू बनाया, मगर वह नहीं उछला।

    प्रधान पाठक ने इसकी सूचना संकुल प्रभारी अमित धीरही, शैक्षिक समन्वयक प्रफुल्ल तिवारी तथा सरपंच सत्यनारायण कश्यप व जनपद सदस्य आशा राजेन्द्र साहू को दी। सभी मौके पर पहुंचे और पके चावल को बच्चों को परोसने से रोका गया। खाली जगह में फेंकने पर मवेशी इसे खाकर बीमार न पड़ जाए इसलिए उसे नाले में बहा दिया गया, सैंपल के चावल अलग रखा गया है, जबकि स्टाक में रखे चावल को भी सुरक्षित रखा गया है।

    खाद्य निरीक्षक सुश्री मनीषा कश्यप को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने मिटिंग में होने के कारण मंगलवार को गांव पहुंचने की बात कही।

    जल्दी क्यों नहीं आ रही रिपोर्ट

    चावल में प्लास्टिक मिले होने की आशंका गंभीर है, मगर उच्चाधिकारियों द्वारा पहल कर इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा विभाग से शीघ्र नहीं मंगवाया जा रहा है। जिले के लगभग 22 सौ सरकारी स्कूलों में रोज मध्या- भोजन बनता है ऐसे में प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट विशेष वाहक भेजकर मंगवाना चाहिए।

    इतना ही नहीं एक सैंपल निजी लैब में भेजा जाना चाहिए, ताकि सच्चाई का पता चल सके, मगर जहां चावल में मिलावट की खबर आती है वहां खाद्य विभाग द्वारा जा कर खिचड़ी पकाई जाती है यह खिचड़ी केवल जांच के लिए है कि राजनीतिक खिचड़ी इसे भी समझे जाने की आवश्कयता है। विपक्ष भी इस गंभीर मुद्दे पर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

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