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    मालखरौदा ब्लाक के सात पंचायत सचिव निलंबित

    Published: Tue, 20 Jun 2017 09:34 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 09:34 PM (IST)
    By: Editorial Team

    तकनीकी व रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस

    मनरेगा के तहत पंचायतों में 50 लाख से अधिक खर्च की जांच में मिली अनियमितता

    बड़े अधिकारियों पर आंच तक नहीं

    जांजगीर-चांपा।नईदुनिया न्यूज। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में जनपद पंचायत मालखरौदा की ग्राम पंचायतों में 50 लाख से अधिक की राशि खर्च की गई थी। ऐसी सात ग्राम पंचायतों के सचिवों को निलंबित किया गया। साथ ही दो तकनीकी सहायक एवं चार रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिले में मनरेगा घोटाले की पᆬाइल दो साल बाद पिᆬर खुली है, मगर बड़े अधिकारी कार्रवाई की जद से अब भी दूर हैं।

    जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने बताया कि मालखरौदा विकासखण्ड की उन ग्राम पंचायतों में जहां पर 50 लाख से अधिक का काम कराया गया था, उन पंचायतों की जांच के बाद कार्यों में अनियमितता पाई गई, इसलिए ग्राम पंचायत भांटा सचिव राजेश गबेल, ग्राम पंचायत जमगहन सचिव श्रीमती सुशीला भारद्वाज, ग्राम पंचायत अमेराडीह सचिव यादराम खूंटे, ग्राम पंचायत कुधरी सचिव डिगम्बर प्रसाद राठौर, ग्राम पंचायत बड़े पाडरमुडा सचिव क्रान्ति कुमार लहरे, ग्राम पंचायत भठोरा सचिव पुनीराम धिरहे, ग्राम पंचायत बड़ेरबेली सचिव चन्द्रभूषण भारद्वाज को निलंबित किया गया है। तो वहीं मनरेगा तकनीकी सहायक, सुरेश लहरे, राजकुमार साहू को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत जमगहन रोजगार सहायक श्रीमती सुशीला चन्द्रा, ग्राम पंचायत अमेराडीह रोजगार सहायक श्रीमती बबीता कुर्रे, ग्राम पंचायत बड़े पाडरमुड़ा रोजगार सहायक सुश्री दिव्या भारती, ग्राम पंचायत कुधरी रोजगार सहायक श्रीमती लता डनसेना जनपद पंचायत मालखरौदा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। ज्ञात हो कि तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ टामन सिंह सोनवानी ने साल भर का बजट लगभग 90 लाख रूपए को तीन माह में ही आबंटित कर दिया था। पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर ने विधानसभा में इस गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी और जांच किए जाने की बात भी कही गई थी, मगर अब तक जांच चल रही है और तत्कालीन सीईओ नारायणपुर के बाद कांकेर में कलेक्टर हैं। इधर पंचायत सचिव व रोजगार सहायक जैसे छोटे कर्मचारियों पर तो कार्रवाई हो रही है, मगर जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    कई ब्लाकों में गड़बड़ी

    अगर 2014-15 में मनरेगा के तहत हुए कार्यो की जांच की जाए तो मालखरौदा के अलावा पामगढ़, नवागढ़ ब्लाक के भी कई पंचायतों में 50 लाख से अधिक का काम मनरेगा के तहत कागजों में करा दिया गया है इसके लिए तत्कालीन जनपद सीईओ भी जिम्मेदार हैं, मगर उनके खिलापᆬ कार्रवाई नहीं हो रही है।

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