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    किसी ने खाते में 41 करोड़ जमा कर किया ट्रांजेक्शन

    Published: Fri, 17 Feb 2017 09:57 AM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 10:14 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर, निप्र। नोटबंदी के दौरान राजधानी के एक बैंक में दूसरे के अकाउंट में चेक के जरिए 41 करोड़ रुपए डिपॉजिट करने और बाद में कैश में ट्रांजेक्शन करने का खुलासा हुआ है। मामला तब सामने आया, जब भाजपा पार्षद के आर्किटेक्ट भाई को इनकम टैक्स का नोटिस मिला। वे विजया बैंक पहुंचे, तब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि किसी ने उनके नाम के पैनकार्ड का उपयोग कर नया अकाउंट भी खुलवा रखा है। फिलहाल मामले की शिकायत थाने तक नहीं पहुंची है।

    जानकारी के मुताबिक न्यू शांतिनगर निवासी पेशे से आर्किटेक्ट मनीष प्रजापति के नाम से विजया बैंक फाफाडीह शाखा में 16 दिसम्बर 2009 को अकाउंट खोला गया है। वर्ष 2014 में अज्ञात व्यक्ति ने खाताधारक को मधुर कार्पोरेशन का प्रोपइटर बना दिया और तब से इस खाते में नियमित लेन-देन होता रहा। 20 मार्च 2014 को आखिरी बार मनीष ने 25 हजार रुपए नकद आहरण किया था, जबकि कुछ रकम खाते में और शेष रह गए थे। एक हफ्ते पहले मनीष को इनकम टैक्स का नोटिस मिला, जिसमें यह बताया गया कि आपके द्वारा 42 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया है। चेक के माध्यम से पैसे डिपॉजिट किए गए और फिर नकदी निकासी की गई है।

    यही नहीं, नोटबंदी के दौरान 18 लाख 80 हजार रुपए की पुराने करंसी भी बैंक में जमा की गई है। मनीष ने नोटबंदी के दौरान मात्र 90 हजार की पुरानी करंसी वह भी दूसरे अकाउंट में जमा करने की जानकारी दी और बैंक प्रबंधक से ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल मांगी, तब खुलासा हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी तरीके से उसके अकाउंट का इस्तेमाल 41 करोड़ रुपए जमा करने के बाद पूरे रकम ट्रांजेक्शन कर लिया है। यही नहीं, उसके पैनकार्ड की फोटो कॉपी का उपयोग कर एक नया अकाउंट भी खुलवाया गया है, जिसमें उसे मधुर कार्पोरेशन कंपनी का मालिक होना दर्शाया गया है। मनीष ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन की बगैर संलिप्तता के यह घपलेबाजी संभव नहीं है।

    नए अकाउंट में हिंदी में हस्ताक्षर

    आर्किटेक्ट मनीष प्रजापति शंकरनगर के भाजपा पार्षद मनोज प्रजापति के भाई हंै। उनका कहना है कि वे अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते आए हैं, लेकिन नए अकाउंट खोलने के लिए उनके पैनकार्ड की फोटो कॉपी का इस्तेमाल अज्ञात शख्स ने करते हुए हिंदी में हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि जब वे बैंक में खाते में हुए लेन-देन के संबंध में जानकारी ले रहे थे, तब वहां पर एक युवक आया।

    उसने अपना नाम दीपक बताते हुए कहा कि अपना ही सारा लेन-देन हुआ है। बैठकर इस बारे में बात कर लेते हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि उस अज्ञात शख्स ने ही बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर उसके खाते में 41 करोड़ के चेक जमा करके सारे पैसे ट्रांजेक्शन किए हैं।

    मनीष प्रजापति बैंक में लेन-देन की शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने कल लिखित में आवेदन देने को कहा है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -केआर सिन्हा, गंज टीआई

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