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    विवि भवन निर्माण हेतु शासन ने नियुक्त किया आर्किटेक्ट

    Published: Tue, 18 Jul 2017 08:24 AM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 08:24 AM (IST)
    By: Editorial Team

    0 ड्राइंग डिजाइन निर्माण का जिम्मा रायपुर की कंपनी को

    0 कुलपति ने भकुरा में आबंटित जमीन का किया निरीक्षण

    0 कहा-भवन निर्माण में नहीं आएगी किसी प्रकार की कोई बाधा

    फोटो-2,3-कुलपति ने किया निरीक्षण

    अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    सरगुजा विश्वविद्यालय के स्वयं के भवन निर्माण हेतु राज्य शासन ने ड्राइंग डिजाइन तैयार करने आर्किटेक्ट की नियुक्ति कर दी है। विवि की स्थापना के आठ वर्षों बाद रायपुर की दिवाकृति राव एंड एसोसिएट्स को ड्राइंग डिजाइन निर्माण की जवाबदारी सौंपी गई है। शासन स्तर से हुई पहल के बाद विवि प्रबंधन द्वारा भी स्वयं के भवन निर्माण के लिए प्रयास तेज कर दिया गया है। सोमवार को कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। कुलपति ने विवि भवन के लिए आबंटित जमीन को उपयुक्त बताया है। उन्होंने कहा है कि विवि के स्वयं के भवन निर्माण को लेकर किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है।

    सरगुजा विवि की स्थापना को लगभग आठ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन व शिक्षण विभाग उधार व जुगाड़ की व्यवस्था में संचालित हो रहा है। प्रशासन द्वारा शहर से लगे ग्राम भकुरा में भवन निर्माण के लिए जमीन आबंटन के बावजूद यह कार्य आरंभ नहीं हो सका है। उधार व जुगाड़ की व्यवस्था के कारण प्रबंधन को परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए नवपदस्थ कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही विवि को नई उंचाईयां प्रदान करने को लक्ष्य बनाकर भवन निर्माण की दिशा में भी कदम आगे बढ़ाया है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि शासन स्तर से विवि भवन निर्माण की ड्राइंग डिजाइन तैयार करने आर्किटेक्ट की नियुक्ति पूरी कर दी गई है। रायपुर की दिवाकृति एंड एसोसिएट्स से जुड़े इंजीनियर 19 जुलाई को अंबिकापुर आ रहे हैं। उसके पहले ही सोमवार को कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद ने ग्राम भकुरा में विवि को आबंटित जमीन का अवलोकन किया। लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित इससे जुड़े दूसरे विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का अवलोकन करने के साथ ही उन्होंने वास्तुशास्त्र व भारतीय मानकों को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय के स्वयं के भवन की ड्राइंग डिजाइन तैयार कराने बात कही। पूर्व में विवि में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भकुरा में आबंटित जमीन पर भवन निर्माण को लेकर तमाम प्रकार की बाधाएं गिनाई जाती थी, परंतु नवपदस्थ कुलपति ने स्पष्ट किया कि देश के कई विवि पठारी क्षेत्र में संचालित हो रहे हें। इससे इन विश्वविद्यालयों की अपनी अलग पहचान स्थापित हो चुकी है। वैसी ही पहचान भकुरा में जंगल, पहाड़ से लगे जमीन पर सरगुजा विवि का स्वयं का खूबसूरत भवन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आबंटित जमीन भवन निर्माण के लिए उपयुक्त है। किसी प्रकार की कोई बाधा भवन निर्माण में नहीं आएगी। बारिश बाद विवि के भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी कराया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान कुलसचिव विनोद एक्का, इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य डा. आरएन खरे, पीडब्ल्यूडी के ईई बीपी अग्रवाल, पीएचई के एसडीओ एके सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

    पीडब्ल्यूडी के पास जमा हैं दो करोड़-

    सरगुजा विवि को भवन निर्माण के लिए प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए थे। इस राशि में से पहले ही कुछ काम कराए जा चुके हैं। प्रबंधन के पास 12 करोड़ रुपए शेष बचा था, जिसमें से दो करोड़ रुपए विवि प्रबंधन ने तीन वर्ष पहले ही पीडब्ल्यूडी के पास जमा करा दिया है। रामानुजगंज मुख्यमार्ग से प्रस्तावित स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का काम लगभग दो वर्ष पूर्व ही पूरा कराया जा चुका है।

    221 एकड़ जमीन का आबंटन-

    सरगुजा विवि को जिला प्रशासन द्वारा ग्राम भकुरा में लगभग 221 एकड़ जमीन आबंटित की गई है। आबंटित जमीन का सीमांकन भी पूरा किया जा चुका है। जमीन को लेकर किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। इस जमीन पर वर्षों से काबिज परिवारों के व्यवस्थापन नए स्थान पर हो भी चुका है। गिनती के कुछ परिवार अभी भी विवि को आबंटित जमीन पर निवासरत हैं। बरसात बाद इन परिवारों को भी आवास, जमीन उपलब्ध करा नए स्थान पर बसाए जाने की तैयारी है।

    नहीं होगी पानी की समस्या-

    विवि को भकुरा में आबंटित जमीन के आसपास पानी की उपलब्धता न होने का राग भी पूर्व में पदस्थ अधिकारियों द्वारा अलापा जाता था, लेकिन कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद का स्पष्ट कहना है कि ऐसी कोई समस्या आएगी ही नहीं। पहाड़ और बरसाती नाले का पानी रोकने का प्रबंध किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से प्रस्तावित स्थल पर जलस्रोत चिन्हित किए जाएंगे। आवश्यकतानुरूप बोर खनन का कार्य कराया जाएगा।

    ड्राइंग डिजाइन का खाका तैयार

    भकुरा में आबंटित स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही भवन निर्माण का एक खाका तैयार किया गया है। 19 जुलाई को आर्किटेक्ट व टीम के सदस्य अंबिकापुर आ रहे हैं। उनके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक पश्चात पुनः प्रस्तावित स्थल का अवलोकन कर यह तय किया जाएगा कि आबंटित जमीन में कहां-कहां, कौन-कौन सा निर्माण कराया जाए। सबसे पहले पानी की व्यवस्था होगी, फिर अहाता निर्माण सहित प्रशासनिक भवन, छात्रावास आदि के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।

    और जानें :  # vivdhyla bhawan
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