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    सेंट्रल जेल की दीवार से उछालकर भीतर फेंका नशीला पदार्थ, ड्यूटी से नदारद प्रहरी निलंबित

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    0 निलंबित जेल अधीक्षक ने मुख्यालय में की थी शिकायत, सालों से जमे अधिकारी-कर्मचारी बिगाड़ रहे व्यवस्था

    रायपुर । निप्र

    रायपुर सेंट्रल जेल का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। जेल के भीतर लगातार आपत्तिजनक सामग्री मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अक्टूबर में कैदियों के सत्याग्रह, हंगामे, वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश, कैदी की हत्या, आपत्तिजनक सामान मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। तत्कालीन जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए सीधे निलंबित कर दिया गया। हालांकि जेल व मुख्यालय दफ्तर में साजिश के तहत उन्हें हटाने की चर्चा गरम है। इधर बुधवार की रात फिर जेल की दीवार से उछालकर नशीला पदार्थ फेंका गया, जो अंदर गश्त कर रहे एक सिपाही के सामने गिरा। उसने तत्काल पुड़िया में बंधे नशीले पदार्थ को उठाकर वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी। जेल मुख्यालय और जेल परिसर के कॉर्नर के पास से उछालकर फेंके गए नशीले पदार्थ को लेकर जेल डीआईजी और प्रभारी अधीक्षक केके गुप्ता ने बाहर ड्यूटी कर रहे प्रहरी को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुड़िया में गांजा था, लेकिन जेल प्रशासन ने इससे इंकार करते हुए तंबाकू मिलने का दावा कर रहा है।

    जेल के जानकार सूत्रों के मुताबिक बुधवार की शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच जेल परिसर से किसी ने दीवार की तरफ उछालकर नशीला पदार्थ भीतर फेंका। यह भीतर गश्त कर रहे सिपाही के सामने गिरा। उसने वायरलेस सेट से इसकी सूचना दी। जहां से नशीला पदार्थ भीतर फेंका गया, वहां प्रहरी शार्तिकराम भोई की ड्यूटी लगी थी। जेल अफसरों ने चेक किया तो प्रहरी उस वक्त वहां से नदारद था।

    जेल डीआईजी केके गुप्ता ने नईदुनिया को बताया कि जेल के भीतर तंबाकू की पुड़िया फेंकने के मामले में जेल प्रहरी शार्तिकराम भोई को निलंबित कर दिया गया है। उसकी लापरवाही से यह घटना हुई है। वह ड्यूटी पॉइंट पर गैरहाजिर मिला। उन्होंने कहा कि सांठगांठ से इंकार नहीं किया जा सकता। हो सकता है प्रहरी ने ही तंबाकू फेंका हो। इसकी जांच की जा रही है। प्रहरी शार्तिकराम की ड्यूटी पहले चामुंडा देवी मंदिर मेन गेट पर थी। एक महीने पहले उसे जेल मुख्यालय और जेल परिसर के बीच कार्नर पर तैनात किया गया था।

    नहीं हुई कोई कार्रवाई

    जानकार सूत्रों ने बताया कि पूर्व जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने पहले ही जेल मुख्यालय को पत्र लिखकर यह ताकीद किया था कि जेल में लंबे समय से जमे जेलर, सहायक जेलर समेत, चक्कर प्रभारी, प्रहरी जेल की व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं, बावजूद इसके जेल मुख्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि इस मामले में जेल डीआईजी का कहना है कि कैदियों को छूट देने के कारण जेल की व्यवस्था बदहाल हुई थी। ऐसे कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने के बाद स्थिति पहले की तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पदस्थ अधिकारी, कर्मचारियों के तबादले किए जाते हैं। तीन साल से अधिक होने पर तबादला करने का प्रावधान है। कोई कर्मचारी अच्छा काम करता है तो उसे एक ही स्थान पर रखा जा सकता है। फिर भी वे ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को चिन्हांकित करके सूचीबद्ध कर रहे हैं।

    1 सतीश 05- संतोष

    10.21

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