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    सुप्रीम कोर्ट ने DMRC को दिया 60 करोड़ ब्याज अदा करने का आदेश

    Published: Mon, 19 Jun 2017 07:10 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 10:33 AM (IST)
    By: Editorial Team
    supreme-court  19 06 2017

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया जिसमें दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्जदाता को ब्याज के रूप में 60 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया था।

    दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के संयुक्त उद्यम में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर साझीदार थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल की अवकाशकालीन पीठ ने डीएमआरसी को हालांकि धनराशि का भुगतान करने के लिए एक और हफ्ते का समय दे दिया।

    दरअसल, पंचाट ने 11 मई, 2017 को अपने एक फैसले में डीएमआरसी को आदेश दिया था कि वह दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को 4,670 करोड़ रुपये का भुगतान करे।

    डीएएमईपीएल ने ही दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का निर्माण किया था। यह रिलांयस इंफ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडिरी कंपनी है, लेकिन रिलांयस ने 2013 में खुद को एयरपोर्ट मेट्रो से अलग कर लिया था।

    इसके बाद डीएएमईपीएल ने नीति आयोग के 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 75 प्रतिशत रकम के भुगतान की मांग करते हुए हाई कोर्ट की शरण ली थी।

    पंचाट न्यायाधिकरण ने उसे 13.5 प्रतिशत की ब्याज दर से 2,782.33 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश दिया था।

    हाई कोर्ट में डीएमआरसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा ने कहा कि पंचाट का फैसला 90 दिनों तक लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि पीड़ित पक्ष को यह समय फैसले को चुनौती देने के लिए दिया गया है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट उनकी दलील से सहमत नहीं हुआ।

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