Naidunia
    Friday, November 24, 2017
    PreviousNext

    पत्नी पर टिप्पणी बन सकती है अलग रहने का आधार : हाई कोर्ट

    Published: Sat, 07 Jan 2017 11:12 PM (IST) | Updated: Sun, 08 Jan 2017 09:24 AM (IST)
    By: Editorial Team
    delhi high court 07 01 2017

    नई दिल्ली। पत्नी पर टिप्पणी करना, उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर करना और अपने बच्चे से लंबे समय तक न मिलने देना पत्नी के अलग रहने का आधार बन सकता है। हाई कोर्ट ने एक महिला की याचिका पर शनिवार को यह स्पष्ट किया है।

    महिला ने पति की तलाक की अर्जी स्वीकार करने संबंधी निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद कर दिया है। महिला द्वारा पति के खिलाफ दर्ज कराया गया दहेज प्रताड़ना का मामला अभी लंबित है। वह अपने और बेटी के लिए गुजारा भत्ता सुरक्षित करने के लिए आगे की कार्रवाई कर सकती है।

    अदालत ने कहा कि महिला के पति ने उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर किया। अदालत ने कहा कि महिला का पति पति उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था, वह घरेलू हिंसा की शिकार है। यह सही है कि महिला लंबे समय से उससे अलग रह रही थी, क्योंकि उसको उसके पति ने ऐसा करने के लिए मजबूर किया था। इसके बावजूद महिला उससे शादी तोड़ना नहीं चाहती थी।

    वहीं, पति का आरोप था कि महिला ने बिरादरी पंचायत में उसे सबके सामने चांटा मारा था। वह उसे खाना बनाकर नहीं देती थी। लंबे समय से मायके में रह रही है। ऐसे में उसे तलाक दिया जाए।

    यह है मामला

    अप्रैल 2000 में दोनों की शादी हुई थी। फरवरी 2002 में एक बच्चा हुआ, लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों में अनबन होने के कारण सिंतबर 2003 से महिला पति से अलग रहने लगी।

    अप्रैल 2004 में महिला ने मायके में बेटी को जन्म दिया। इस बीच पति ने निचली अदालत में तलाक की अर्जी दायर कर दी। नवंबर 2013 में निचली अदालत ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए उसे तलाक दे दिया, जिसे महिला ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें