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    संपादकीय : पाकिस्‍तान की फिर नापाक हरकत

    Published: Tue, 14 Mar 2017 10:03 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Mar 2017 12:30 AM (IST)
    By: Editorial Team
    pakistan ceasefire violation 14 03 2017

    कभी परोक्ष तो कभी प्रत्यक्ष रूप से भारत के खिलाफ भड़काऊ कार्रवाई करने से पाकिस्तान बाज नहीं आता। जब सीमापार से भेजे गए आतंकियों के जरिए भारत में अशांति फैलाने और भारतीय जनमानस में उथल-पुथल मचाने से वह चूकने लगता है, तो सीधे सीमापार से गोलीबारी पर उतर आता है। उसने अपना ये पुराना तौर-तरीका फिर अपनाया है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी इलाके से भारी गोलाबारी हुई। इससे सीमापार व्यापार सुविधा केंद्र को नुकसान पहुंचा। नतीजतन सीमापार यात्रा को स्थगित करना पड़ा। हालांकि इसका भारतीय जवानों ने करारा जवाब दिया, लेकिन ये सवाल कायम है कि ऐसी गैरजिम्मेदार हरकतों से पाकिस्तान को आखिर कैसे रोका जाए? ताजा घटना के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों को मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए, ऐसी कार्रवाइयों पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।


    दरअसल, भारतीय जनता को ना तो अपनी सेना या सुरक्षा एजेंसियों की काबिलियत पर कोई शक है, ना ही मोदी सरकार को लेकर उसमें कोई अविश्वास है। मगर जब कभी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो उसको लेकर जनता में स्वाभाविक आक्रोश उत्पन्न् होता है।

    पाक-प्रायोजित आतंकवाद को झेलते हुए यह देश तीन दशक से अधिक का वक्त गुजार चुका है। इसी बीच पाकिस्तानी बलों की गोलीबारी से सरहदी इलाकों की शांति अक्सर भंग होती रही है। इसमें राहत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय मिली थी, जब संघर्षविराम समझौता हुआ था। लेकिन कुछ महीने पहले पाकिस्तान ने ये करार तोड़ दिया। तब से वहां की आम आबादी पाकिस्तानी गोलियों और गोलाबारी के निशाने पर आती रही है। हालांकि हर मौके पर भारतीय सुरक्षा जवानों ने पाकिस्तान बलों को जोरदार जवाब दिया है, लेकिन पाकिस्तान ने उससे कोई सबक नहीं सीखा। पिछले वर्ष उरी हमले के बाद भारत ने बहुचर्चित सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उससे आरंभ में पाकिस्तान हिला, लेकिन जल्द ही अपनी पुरानी कारगुजारियों पर उतर आया।


    इसकी एक वजह शायद यह है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को चीन का संरक्षण मिला हुआ है। इस बीच उसने रूस से भी दोस्ती बढ़ाई है। इससे पाकिस्तानी हुक्मरानों का मनोबल बढ़ा है। संभवत: इसी वजह से वे भारत विरोधी कार्रवाइयों को जारी रख रहे हैं। मगर जितेंद्र सिंह के वक्तव्य से साफ है कि भारत सरकार अब स्थिति को यथोचित गंभीरता से ले रही है। आशा है, वह जल्द ही ऐसी रणनीति के साथ सामने आएगी, जिससे पाकिस्तान की हरकतों पर लगाम लग सके। भारतीय जनता इसका बेसब्री से इंतजार कर रही है। भारत अपने पड़ोसियों के साथ शांति से जीना चाहता है, ताकि सबकी समृद्धि का रास्ता खुले। लेकिन पाकिस्तान इस आकांक्षा की राह में बाधक बना हुआ है। उसे बेलाग बता दिया जाना चाहिए कि भारत को अब यह स्वीकार्य नहीं है। अब इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा।

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