Naidunia
    Saturday, November 25, 2017
    PreviousNext

    दीपिका बोलीं - भंसाली के साथ काम करना है तो रखो खूब सब्र

    Published: Wed, 08 Nov 2017 05:16 PM (IST) | Updated: Wed, 08 Nov 2017 05:37 PM (IST)
    By: Editorial Team
    padmavati dipss 2017118 173142 08 11 2017

    दीपिका पादुकोण यह मानती हैं कि संजय लीला भंसाली के साथ काम करना किसी भी कलाकार के लिए आसान काम नहीं हैं। वे कहती हैं कि उनकी फिल्मों में जितनी मेहनत फिल्म के कलाकार करते हैं, उतनी ही मेहनत संजय खुद करते हैं, वह परफेक्शनिस्ट हैं।

    दीपिका ने एक बातचीत के दौरान स्वीकारा है कि जब आप भंसाली के साथ काम कर रहे हैं तो आपको पैशेंस रखना जरूरी है। साथ ही आपको इस बात के लिए भी तैयार रहना होता है कि आपको फिल्म के दौरान पूरी तरह अलग दुनिया जीना होती है। दीपिका कहती हैं कि जब कैमरा रोल होता है तो वे सबकुछ भूल जाती हैं। लोगों ने अब उन्हें बताना शुरू किया है कि उनके घूमर गाने में 66 बार वह घूमी हैं। वरना उन्हें ये सब याद नहीं रहता। भंसाली के साथ काम करते हुए आपको सैक्रिफाइज़ के लिए तैयार रहना होता है। हालांकि दीपिका ने यह भी स्वीकारा कि वह उन स्टार्स में से नहीं हैं, जो कैमरा ऑफ़ होने के बाद भी किरदार के साथ जियें। वह शूटिंग के दौरान ही किरदार के मूड में होती हैं। वरना वह खुद को स्विच ऑफ़ कर लेती हैं। लेकिन हां, जब वह भंसाली के साथ काम कर रही होती हैं तो उनके किरदार ऐसे होते हैं, जिसे लेकर उन्हें लगता है कि घर जाने की बजाय आप वही सेट पर ही रक जायें और फिर से दूसरे दिन वहीं सबके साथ फ्रेश शुरुआत करें। दीपिका ने यह भी बताया है कि उन्हें ये बातें काफी फैशिनेट करती हैं कि एक साल पहले उन्होंने पद्मावती को सिर्फ पेपर पर देखा था। लेकिन अब वह जब ट्रेलर पर लोगों का रिस्पॉन्स देख रही हैं तो उन्हें ऐसा लग रहा है कि कुछ अच्छा हो गया है।

    दीपिका कहती हैं कि उन्हें ऐसा लगता है कि शाहिद कपूर के लिए चूंकि यह पहला मौका है जब वह भंसाली के साथ काम कर रहे हैं, तो उनके लिए भंसाली के वर्किंग कल्चर को शुरुआत में समझने में जरूर वक्त लगा होगा।उन्हें ऐसा लगता है। चूंकि रणवीर और दीपिका तो उनके साथ दो फिल्म (बाजीराव मस्तानी और राम लीला) कर चुके हैं।

    दीपिका ने भंसाली के बारे में एक राज़ और यह भी खोला है कि लोगों को लगता होगा कि संजय अपनी फिल्मों की तरह रियल लाइफ में सीरियस नहीं हैं। उनका 'सेन्स ऑफ़ ह्यूमर' कमाल का है और रियल लाइफ में वह जब काम नहीं कर रहे होते हैं तो वह खूब मजाक और मस्ती करते हैं। दीपिका कहती हैं कि फिल्म 'राम लीला' में ऐसे कुछ दृश्य हैं, जिसमें भंसाली का सेन्स ऑफ़ ह्यूमर का विजन साफ़ झलकता है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें