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    जानेमाने सेलेब्स ने जब कहा 'तुम पर नाज है मां'

    Published: Sat, 13 May 2017 05:32 PM (IST) | Updated: Sun, 14 May 2017 05:04 PM (IST)
    By: Editorial Team
    konkana mother 2017513 174819 13 05 2017

    तुम मेरा आगाज हो, मेरी परवाज हो। साज हो वो जिससे उठती लहरियों की कायल हूं मैं। उड़ चली हूं सपनों के ऊंचे आसमान में, पर इसका आधार हो तुम। जब तुम पाती हो सम्मान तो मैं चल पड़ती हूं सीना तान जब मुझे सराहती है दुनिया तो तुम कह उठती हो, यही तो है मेरी मुनिया-'आय एम प्राउड ऑफ यू मॉम...।'

    'मॉम का ग्लोबल चैनल पर इंटरव्यू, सुपर प्राउड फीलिंग।' फैशन डिजाइनर निकिता टंडन जब मां रेनू टंडन को वैंकूवर के चैनल पर अपने कलेक्शन और डिजाइनिंग के बारे में कॉन्फिडेंस के साथ इंटरव्यू देते हुए देखती हैं तो गर्व महसूस करती हैं और अपना स्टेटस अपडेट करती हैं।

    लोकगायिका मालिनी अवस्थी को राष्ट्रपति पद्मश्री प्रदान करते हैं तो बेटी अनन्या फेसबुक पर लिखती हैं, 'फीलिंग इंस्पायर्ड।' पैरास्पोर्ट्स में जब दीपा मलिक को सम्मानित किया जाता है और खेलों का सर्वोच्च अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया जाता है तो बेटी देविका कहती हैं एक उदाहरण हैं मेरी मां।

    सारा क्रेडिट मां को

    सोशल मीडिया के इस जमाने में जब भी मां को सम्मान मिलता है तो बेटी का स्टेटस अपडेट हो जाता है और नीचे शब्दों में पिरो दी जाती हैं भावनाएं। आज भी ऐसी बेटियों की कमी नहीं जो अपनी मां पर गर्व करती हैं, मां की हर उपलब्धि को सलाम करती हैं। बेटियां अपनी अचीवमेंट का सारा क्रेडिट अपनी मां को देती हैं और कहती हैं कि मुझे गर्व है मां पर जिन्होंने मुझे जीना सिखाया, इस काबिल बनाया।

    कर लो सपने पूरे

    मामूली एग्जीक्यूटिव की पोस्ट से पेप्सी कंपनी की सीईओ का पदभार संभालने वाली इंदिरा नूई के जीवन पर मां का बड़ा प्रभाव था। एक इंटरव्यू में वह कहती भी हैं कि मां बचपन में कहा करती थीं कि मैं आठ वर्ष की होने पर तुम्हारी शादी कर दूंगी, लेकिन तुम सपने देखना मत छोड़ना। उम्र के किसी भी मोड़ पर सपने पूरे किए जा सकते हं, बशर्ते ईमानदारी और लगन से मेहनत की जाए। इस बात को इंदिरा ने गांठ बांध लिया और आगे बढ़ती चली गईं। आज भी वह अपनी सफलता का क्रेडिट अपनी मां की सीख को देने से पीछे नहीं हटतीं।

    जानी-मानी पत्रकार और लेखिका मृणाल पांडे कहती हैं कि मेरी मां गौरापंत शिवानी ने कहा था- 'अगर तुमको अपने फैसले पर भरोसा है तो बिल्कुल हिंदी पत्रकारिता में जाओ। वही तो हमारी मातृभाषा है। वहां जाकर भी नए मानक गढ़ो।' साहित्य पर खुलकर चर्चा करती थीं मां मुझसे। यहां तक कि अपनी कहानियों का संपादन भी मुझ पर छोड़ देती थीं। यहीं से संपादन की अनौपचारिक शुरुआत हो गई मेरी।' मृणाल पांडे को अपनी मां की सबसे बड़ी खूबी उनका अदम्य आत्मविश्वास लगता है।

    मैं 'फैन' हूं मां की

    - कोंकणा सेन शर्मा

    मैं अपनी मां अपर्णा सेन शर्मा की सबसे बड़ी 'फैन" हूं। मैं उनकी तरह ही बनना चाहती हूं। घर पर वह एकदम सामान्य और केयरिंग मां हैं, लेकिन सेय पर उनसे अच्छा निर्देशक भी कोई नहीं है।

    शुक्रगुजार हूं मैं मां की

    - कंगना रनोट

    मुझे अपनी मां पर गर्व है, उन्होंने ही मुझे जिंदगी में जीना सिखाया। मां ने ही मुझे खाना बनाना सिखाया, जिंदगी के फलसफे सिखाए। मैं अपनी मां की शुक्रगुजार हूं। अगर मेरी मां सख्त नहीं होतीं तो मैं आज यहां नहीं होती।

    मॉम मेरा कॉन्फिडेंस हैं

    -वेहबिज दोराबजी

    मेरी मॉम फिरोजा दोराबजी मेरा कॉन्फिडेंस हैं। मेरी मजबूती का आध्ाार हैं। उन्होंने मेरे सपनों को समझा और हर कदम पर मेरा साथ दिया। मॉम के साथ रहते इस ग्लैमर की दुनिया में भी मैंने खुद को कभी अकेला नहीं पाया। आज मैं जो भी हूं उनकी बदौलत ही हूं। उन्होंने मुझे फैमिली की वैल्यू करना सिखाया। उनके मॉरल सपोर्ट से ही मैं आगे आ सकी हूं।

    -अविका जैन

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