Naidunia
    Thursday, September 21, 2017
    PreviousNext

    गुरमीत चौधरी को हैं अपने माता-पिता का इंतजार

    Published: Tue, 28 Apr 2015 08:32 PM (IST) | Updated: Tue, 28 Apr 2015 09:59 PM (IST)
    By: Editorial Team
    gurmeet-28 28 04 2015

    गुरमीत चौधरी अपने परिवार को बिहार से मुंबई लाने के लिए कोशिश में लगे हुए हैं। उनके गांव में भी भूकंप ने दस्तक दी है। गुरमीत चौधरी की रातें इन दिनों अपने परिवार की चिंता में ही बीत रही हैं। उनका परिवार पूर्णिमा बिहार में रहता है। उनकी अपने माता-पिता और भाई से बहुत कम हो पा रही है। जबकि भूकंप ने नेपाल के साथ ही भारत के भी कुछ राज्यों को नुकसान पहुंचाया है। गुरमीत इस कोशिश में हैं कि जल्द से जल्द अपने परिवार को बिहार से मुंबई ले आएं।

    उन्होंने कहा, 'भूकंप के दो दिन पहले ही पूर्णिमा में तूफान आया था। उस समय मैं और देबीना गोवा में थे। मेरे पिता से मेरी बात उस समय हुई थी। उन्होंने कहा था कि बिजली न होने के कारण मैं अभी बात नहीं कर पाऊंगा। घर के सभी फोन बैटरी न होने के कारण बंद हैं।'

    यह भी पढ़ें : 'नेपाल में दान भेजने से पहले अपनी आंखें खुली रखें'

    भूकंप की खबर मिलने के बाद ही गुरमीत और उनकी पत्नी देबीना वापस मुंबई लौट आए थे। गुरमीत ने कहा, 'भूकंप के तीन दिन के बाद भी वहां के लोग लगातार झटके महसूस कर रहे हैं। जब मेरी बात मेरी मां से हुई तो मैंने सुना कि वहां कैसा माहौल है। फोन भी बार-बार कट रहा था। बिजली न होने के कारण फोन भी बंद है। लोग घरों के बाहर रात काटने पर मजबूर हैं।'

    गुरमीत के पिता एसआर चौधरी एक्स आर्मी मैन हैं। मां अनमोल एक शिक्षक है और उनका भाई अग्निदेव एक डॉक्टर है। गुरमीत ने बताया, 'मेरे माता-पिता मेरे भाई और उसकी पत्नी के साथ रहते हैं। मेरे भाई के अनेक दोस्त जो नेपाल में हैं वो गायब हैं। उसने वहां दस साल पढ़ाई की है। वो इस समय डिप्रेशन में हैं। मेरे माता-पिता जल्द ही यहां पहुंच जाएंगे।'

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें