Naidunia
    Thursday, August 17, 2017
    01 Aug 2017-31 Aug 2017

    मिथुन राशि के स्वामी बुध अगस्त में सिंह राशि में रहेंगे जोकि आपकी चन्द्र कुण्डली का तीसरा भाव है। सूर्य 17 अगस्त को प्रातः 00.48 मिनट पर कर्क राशि से अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। मंगल 27 अगस्त को सुबह के समय 8.27 मिनट पर अपनी नीच राशि कर्क से मित्र राशि सिंह में गोचर करेंगे। शुक्र 21 अगस्त को सुबह के समय 10.51 पर मिथुन राशि से कर्क राशि में गोचर करेगें जोकि आपकी चन्द्र कुण्डली का दूसरा भाव है। राहु 18 अगस्त सुबह के समय 00.37 मिनट पर सिंह राशि से कर्क राशि में गोचर करेंगे और केतु भी ठीक इसी समय पर मकर राशि में चले जायेंगे। अगस्त के महीने में बृहस्पति कन्या राशि में और वक्री शनि वृश्चिक राशि में रहेंगे।

    इस माह में आपको शिक्षा के संबंध में और आर्थिक विषयों में शुभ परिणाम की प्राप्ति होगी। आपमें भोगविलास की वृत्ति बढ़ेगी, इसलिए विपरीत लिंग वाले व्यक्तियों पर खर्च अधिक होगा। वाहन चलाने में सतर्कता रखें। दुर्घटना का योग बन रहा है। माह के प्रथम सप्ताह में ही शुक्र आप के धन स्थान में सूर्य, बुध और गुरु के साथ युति करेगा, जिससे वित्तीय समीकरण बदल सकते हैं। आपको व्यक्तिगत परिवार संबंधित कोई ऐसा निर्णय लेना पड़ेगा, जिससे लंबे समय तक आपका जीवन प्रभावग्रस्त रहेगा।

    इस महीने के अंत में इस अवधि के दौरान आपके पारिवारिक सुख-संबंधों में वृद्धि होगी। उधार वसूली संबंधित कार्य में रुकावटों के बाद सफलता मिलेगी। मैत्री संबंधों में गलतफहमी और वाद-विवाद उत्पन्न होने का योग है। इस समय संभव हो वहां तक कोई भी उद्यम शुरू करने अथवा नये कार्यों की शुरुआत करना टालें। चल अथवा अचल संपत्ति संबंधी कामकाज पूरे होंगे। कोर्ट कचहरी, चोरी, पुलिस से इस समय आमना सामना हो सकता है। इसलिए महीने के दूसरे पक्ष में आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरुरत है।अविवाहित जातक इस उत्तम समय में योग्य जीवनसाथी खोज सकते हैं।इस माह कोर्ट-कचहरी संबंधित कार्य में विजय प्राप्ति की संभावना बढ़ सकती है। नया वाहन या मकान लेने के योग हैं।

    उपाय-- बुधवार को सर्वप्रथम गणेश जी का ध्यान करें और उसके पश्चात् दुर्गा चालीसा जरुर पढ़ें।

    आज का दिन

    राहु कर्क राशि।
    दक्षिण दिशा मध्यम। उतर पूर्ण का मध्यभाग शुभ। अन्य किसी दिशा की यात्रा करना हो तो बेसन मिष्ठान का इष्टदेव को भोग लगा कर जा सकते हैं।

    व्रत-त्योहार

    आखिर सोमवार को ही क्‍यों माना जाता है शिव का दिन

    सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। और पढ़ें »

    अंतरयात्रा

    आलोचना से पहले दूसरों को समझें, नहीं होंगे कभी परेशान

    बहुत जल्दी दूसरों की आलोचना या उन पर नाराजी जाहिर करना ठीक नहीं है। और पढ़ें »