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    दुनिया का 16वां जटिल ऑपरेशन उज्जैन में

    Published: Tue, 20 Jun 2017 11:18 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 11:18 PM (IST)
    By: Editorial Team

    नोड्यूलर हिडे-रेनोमा नामक बीमारी से पीड़ित था आगर का युवक

    35 साल से ट्यूमर झेल रहा था, डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन

    उज्जैन। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने मंगलवार को नोड्यूलर हिडे-रेनोमा नामक बीमारी का जटिल ऑपरेशन किया है। अब तक दुनियाभर में इस बीमारी से पीड़ित मात्र 15 लोग ही सामने आए। उज्जैन में दुनिया का 16वां ऑपरेशन हुआ है। 35 साल से युवक लार ग्रंथी के ट्यूमर को झेल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार 6 माह और ऑपरेशन नहीं होता तो युवक की मौत भी हो सकती थी। 3 घंटे चले ऑपरेशन के बाद अब युवक की हालत बेहतर है। भारत में यह संभवतः पहला मामला है।

    जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अजय दिवाकर व डॉ. पीएन वर्मा ने मंगलवार को नोड्यूलर हिडे-रेनोमा नामक बीमारी से पीड़ित 45 वर्षीय व्यक्ति कालूराम पिता अमराजी लाड़वेन निवासी आगर का सफल ऑपरेशन किया। इस बीमारी से पीड़ित 15 लोग ही अब तक विश्व में सामने आए हैं। 16वां केस आगर में मिला है। इस बीमारी के कारण कालूराम के कान के समीप स्थित लार ग्रंथि में एक गठान हो गई थी। करीब 35 सालों से उसे यह गठान थी। मामूली गठान समझ कर करीब 6 माह पूर्व कालूराम ने आगर में ही निजी चिकित्सक से चीरा लगवाकर गठान निकलवाना चाही थी। मगर चीरा लगने के बाद से यह तेजी से बढ़ती गई। हालत यह हो गई कि वह गोभी के फूल के आकार में बढ़ने लगी थी। अगर 6 माह और ऑपरेशन नहीं किया जाता तो कालूराम की मौत भी हो सकती थी।

    बीमारी की पुष्टि के बाद किया ऑपरेशन

    डॉ. दिवाकर के अनुसार युवक की गठान देखकर उसकी बायोस्पकी सहित अन्य जांच आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में करवाई गई थी। इसमें नोड्यूलर हिडे-रेनोमा नामक बीमारी की पुष्टि हुई। इंटरनेट के माध्मय से बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी निकाली गई। इसमें पता चला कि इस बीमारी के पीड़ित मात्र 15 लोग ही अब तक सामने आए हैं। इनमें से 14 के ऑपरेशन सही समय पर होने के कारण उनकी जान बच गई। एक व्यक्ति को गंभीर हालत में चिकित्सकों के पास ले जाया गया था, जिसकी मौत हो गई। कालूराम के मामले में संभवतः भारत में यह पहला मामला है। इसके बारे में और ज्यादा जानकारी निकाली जा रही है।

    3 घंटे चला ऑपरेशन

    कालूराम को सुबह करीब 10 बजे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया था। डॉ. दिवाकर के अलावा डॉ. पीएन वर्मा तथा एनेस्थेटिक डॉ. वायके चौहान सहित नर्सिंग स्टॉफ इसमें शामिल था। दोपहर करीब एक बजे ऑपरेशन खत्म हुआ।

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    सचित्र- चंद्रशेखर कहार

    सीके- 01- ऑपरेशन के बाद वार्ड में भर्ती मरीज से चर्चा करते हुए डॉ. अजय दिवाकर।

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