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    Video: मंदिर जहां राम, सीता और लक्ष्मण की हैं दो-दो मूर्तियां, जानें कहानी

    Published: Fri, 08 Dec 2017 09:14 AM (IST) | Updated: Fri, 08 Dec 2017 12:03 PM (IST)
    By: Editorial Team
    ram temple 08 12 2017

    खंडवा । मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में सुक्ता और भाम नदियों से घिरा ये गांव है भामगढ़। भामगढ़ में सुक्ता और भाम नदी का संगम होता है, जो मिलकर तवा नदी बनाती है, लेकिन इस गांव की सिर्फ ये ही खासियत नहीं है। भामगढ़ में देश का एक मात्र ऐसा राम मंदिर है, जिसमें भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की दो-दो मूर्तियां विराजित है। इस मंदिर के अलावा देश में ऐसा अनोखा मंदिर कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा, जहां एक ही देवी-देवता की दो-दो मूर्तियां स्थापित की गई हो।

    करीब 500 साल पुराना है मंदिर

    भामगढ़ में बीते करीब 500 साल से भगवान राम का यह मंदिर मौजूद है और पंडित ओमप्रकाश पांडे का परिवार बीती 11 पीढ़ियों से इस अनोखे मंदिर की पूजा अर्चना कर रहा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार करीब 500 साल पहले यहां राजा लख्मेसिंह का शासन था, जिन्होंने यहां राम मंदिर का निर्माण करवाया था।

    राजा ने मंदिर बनवाने के जिम्मेदार भुसकट्या सरकार को सौंपी थी, जो खुद एक जमींदार थे। मंदिर निर्माण के बाद दोनों में मूर्ती स्थापना पर विवाद हो गया। राजा लख्मेसिंह और भुसकट्या सरकार दोनों ही अपनी-अपनी मूर्तियां स्थापित करना चाहते थे। ऐसे में ग्रामीणों की सलाह पर 500 साल पहले दोनों ने अपनी-अपनी मूर्तियों की स्थापना की। तब से इस मंदिर में दो राम, दो सीता और दो लक्ष्मण की पूजा हो रही है।

    गांव में फैला प्लेग, चोरों ने खंडित की थी मूर्ति

    इन ऐतिहासिक मूर्तियों में दो मूर्तियां ऐसी भी है, जिन्हें चोर भी निशाना बना चुके हैं। पंडित ओमप्रकाश पांडे की पत्नी अरुणा पांडे ने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने हमें बताया कि करीब 100 साल पहले भागमढ़ में प्लैग फैला था, तब पूरा गांव खाली हो गया था। ऐसे में सूने मंदिर में चोरों ने आभूषण चुराने के लिए मंदिर में धावा बोल दिया था और दो मूर्तियों को खंडित कर दिया था, जिन्हें कुछ सालों पहले ही बदला गया।

    ऐतिहासिक मंदिर, लेकिन गांव से भी नहीं मिलती मदद

    पंडित ओमप्रकाश पांडे के मुताबिक अनोखा और ऐतिहासिक मंदिर होने के बाद भी ग्रामीणों की तरफ से इसके उद्धार के लिए कोई मदद नहीं मिलती है। धार्मिक त्योहारों पर यहां कई आयोजन भी किए जाते हैं, जिसमें सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

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