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    पेड़ के नीचे चबूतरे पर लग रही आंगनवाड़ी

    Published: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 03:58 AM (IST)
    By: Editorial Team
    20nmh-33 22 04 2017

    महिला बाल विकास मंत्री के प्रभार वाले जिले की हालत -फ्लेग

    *13 साल में भी नहीं मिल सका भवन

    *नीमच जिले के ग्राम थड़ौद का मामला

    * 6 साल तक के 57 बच्चे हैं केंद्र में

    सिंगोली/नीमच। नईदुनिया न्यूज

    नीमच जिले के गांव थड़ोद के आंगनवाड़ी केंद्र को 13 सालों में भी भवन नसीब नहीं हो सका है। पहले यह केंद्र किराए भवन में चला, वहां से खाली कराने पर अब पेड़ के नीचे एक चबूतरे पर पहुंच गया है। केंद्र पर 57 बच्चों को शिक्षा के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी है। आश्चर्य यह है कि नीमच जिले की प्रभारी प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस हैं, बावजूद इसके जिले के आंगनवाड़ी केंद्र को भवन नहीं मिल सका है।

    बात जिले के जावद विकासखंड की सिंगोली तहसील के ग्राम पंचायत थड़ौद की है। यहां के दो आंगनवाड़ी में से एक केंद्र भवनविहीन है। करीब ढाई माह से यह केंद्र नीम के पेड़ के नीचे चबूतरे पर संचालित हो रहा है। इसमें 6 साल तक के 57 बच्चे हैं। 2004 से ढ़ाई माह पहले तक यह आंगनवाड़ी केंद्र कभी किराए के भवन में कभी और कहीं संचालित होता रहा। कुछ समय शिक्षा विभाग के भवन में भी केंद्र चला, जिसकी एवज में महिला एवं बाल विकास विभाग ने भवन के रखरखाव के लिए 37 हजार 500 रुपए दिए। अब भवन ही खाली करा लिया गया है।

    यह जोखिम है

    - खुले में बैठने से जाड़े और गर्मी में बच्चों को परेशानी।

    - तेज हवा से पेड़ की टहनियां टूटने से कभी भी हो सकता है हादसा।

    - चबूतरा ऊंचा होने से बच्चों के गिरने का का भी डर।

    -----बॉक्‌्‌स------

    जिले में 1112 आंगनवाड़ी, भवन आधे के पास

    जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की 1112 आंगनवाड़ियां हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय के अनुसार नीमच शहर परियोजना में 98, ग्रामीण में 272, मनासा में 247, रामपुरा में 112, जावद में 240, रतनगढ़ में 143 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। लगभग 600 आंगनवाड़ी केंद्रों के पास स्वयं का भवन है। शेष किराए के भवन में संचालित हो रही हैं। ग्राम पंचायत और शिक्षा विभाग मददगार बने हुए हैं।

    मन में डर बना रहता है

    2004 से कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हूं। कभी यहां तो कभी वहां केंद्र संचालित करना पड़ता है। किचन शेड खाली कराए जाने से ढाई माह से अधिक समय से आंगनवाड़ी केंद्र नीम के पेड़ के नीचे चबुतरे पर संचालित हो रहा है। 6 वर्ष तक की आयु के करीब 57 बच्चे हैं। घटना-दुर्घटना की आशंका को लेकर मन सदैव डर बना रहता है

    - बालीबाई मेघवंशी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, थड़ौद

    21एनएमएच-20, बालीबाई मेघवंशी

    पता करती हूं

    पूर्व में नई आबादी की यह आंगनवाड़ी किचन शेड में संचालित होती थी। शेड परिसर क्यों खाली कराया गया पता करती हूं।

    - रेलम बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग

    मंत्री से संपर्क नहीं

    जिले की प्रभारी अर्चना चिटनीस से मोबाइल नं. 98260-70504 पर संपर्क किया गया। निज सचिव राजेंद्र कुमार मिश्रा ने कुछ देर में चर्चा कराने की बात कही। लेकिन दोबारा संपर्क नहीं हो सका।

    फोटो-

    20एनएमएच-33, पेड़ के नीचे चबुतरे पर आंगनवाड़ी केंद्र चल रहा है।

    21एनएमएच-23, पूर्व में शिक्षा विभाग के मध्यान्ह भोजन किचन शेड में केंद्र संचालित होता था।

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