Naidunia
    Thursday, November 23, 2017
    PreviousNext

    पांच साल में 240 बैगाओं को ही मिल पाई छत

    Published: Mon, 18 Sep 2017 12:24 AM (IST) | Updated: Mon, 18 Sep 2017 12:24 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बैहर। नईदुनिया न्यूज

    भले ही सरकार हर साल बैगाओं के उत्थान करने के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है लेकिन आदिवासी वनांचल क्षेत्र में बैगाओं के हाल बेहाल हैं। उन्हें रहने के लिए छत नसीब नहीं हो पा रही है। पिछले पांच साल में बैगाओं को 240 छत ही नसीब हो सके हैं। यह हालात जिले के आदिवासी बैहर, बिरसा और परसवाड़ा तहसील में वर्षों से बसे बैगाओं के हैं। जिले की परसवाड़ा तहसील में 57 पंचायतों में 780 बैगा परिवार हैं। बैहर में 55 ग्राम पंचायतों में 1549 बैगा और बिरसा तहसील में 1597 बैगा परिवार हैं।

    भूतना में यह हैं हालात

    बैहर विधानसभा से 60 किमी दूर ग्राम पंचायत भूतना में 2308 कुल जनसंख्या है। इसमें मतदाता 1457 और यहां महिलाओं की जनसंख्या 736 और पुरुष 731 हैं। इसके साथ ही बैगा परिवार 177 और 256 आदिवासी गोंड यहां वर्षों से निवास करते हैं। सरकार अपना लक्ष्य पूरा करने और पंचायतों को ओडीएफ करने शौचालय निर्माण करवाने में लगी हुई है। अब तक 205 पक्के शौचालय बनाए गए हैं और 10 प्रगति पर हैं। पंचायत में कहने को तो 39 हैंडपंप हैं लेकिन इनमें से 5 बंद, 10 में से थोड़ा-थोड़ा पानी निकलता है। 6 में से फ्लोराइड युक्त गंदा पानी निकलता है।

    झोपड़ी में बिता रहे जीवन

    भूतना के बैगा वर्षों से चली आ रही परम्परा के तहत झोपड़ी बनाकर रहते हैं। लेकिन सरकार इन बैगा परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। यहां पर कुछ घरों में शौचालय बनवा दिए गए हैं।

    यह है स्थिति

    पांच साल में बैगाओं के लिए बिरसा में सबसे कम मकान बने हैं। वर्ष 2010-11 में 10, 2011-12 में 03, 2012-13 में 04, 2013-14 में 06, 2014-15 में 07, 2015-16 में शून्य और वर्ष 2016-17 में 10 आवास ही बन पाए हैं। 2017-18 में आवास निर्माण की प्रक्रिया जारी है। बैहर में वर्ष 2011 से अब तक 60 और परसवाड़ा में वर्ष 2011 से 150 बैगाओं के मकान बनाए गए हैं। यह मकान बैगा विकास परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, इंदिरा आवास योजना से बनाए गए हैं। इसके बाद भी क्षेत्र के कई बैगा झोपड़ी में जीवन बीता रहे हैं।

    ............................

    पांच साल में 60 मकान इंदिरा आवास, बैगा विकास परियोजना, प्रधानमंत्री आवास से बनाए गए हैं। शासन की योजनाओं का लाभ लाभ बैगाओं को दिया जा रहा है।

    -जितेन्द्र व्यास, सीईओ जपं बैहर।

    और जानें :  # Balaghat News
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें