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    अतिक्रमणकारी को नोटिस दिया तो हट गए तहसीलदार-एसडीएम

    Published: Mon, 18 Sep 2017 12:25 AM (IST) | Updated: Mon, 18 Sep 2017 12:25 AM (IST)
    By: Editorial Team

    बालाघाट। नईदुनिया प्रतिनिधि

    तहसीलदार के नोटिस के चार माह बाद भी शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हट पाया है। मामला लांजी तहसील के कोचेवाही गांव का है। जहां अतिक्रमण चिन्हित होने के बाद तहसीलदार ने हटाने के निर्देश तो दिए, लेकिन नोटिस के बाद अतिक्रमण नहीं तहसीलदार और एसडीएम ही हटा दिए गए। ग्रामीणों को कहना है राजनीतिक दवाब में प्रशासन कार्रवाई में करने में कोताही बरत रहा है। शिकायतकर्ता राजकुमार गेडाम का कहना है अतिक्रमणकारी मनीराम गेडाम ने पटवारी से सांठगांठ कर तहसीलदार के आदेश का पालन नहीं किया है। सड़क पर निर्माण होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    16 साल से जमे अतिक्रमण को हटाने प्रशासन नहीं जुटा पा रहा हिम्मत

    कोचेवाही पंचायत में 16 साल बाद भी प्रशासन अतिक्रमण नहीं हटा पाया है। लांजी तहसील के कोचेवाही में जहां एक फरियादी को शासकीय जमीन पर अतिक्रमण साबित करने में 16 साल का लंबा समय बीत गया है। वहीं इस गांव में 7 अतिक्रमण में 6 हट गए, लेकिन अतिक्रमण कर बनाए गए एक मकान को हटाने में प्रशासन को पसीना छूट रहा है।

    सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत

    खास बात यह है कि 2001 में कोचेवाही में सड़क पर एक मकान के निर्माण से उपजा विवाद 15 साल तक नहीं थमा। तहसीलदार, एसडीएम से लेकर पीड़ित ने कलेक्टर तक शिकायत की लेकिन जब उसका कोई नतीजा नहीं निकला। अंत में उसने सीएम हेल्प लाइन में मामले की शिकायत की। इसके बाद 6 मई 2017 को तहसीलदार लांजी ने भी 7 अतिक्रमण चिन्हित किए जिसमें से एक अतिक्रमण आदेश के चार माह बाद नहीं हट पाया।

    इस भूमि पर है अतिक्रमण

    कोचेवाही पटवारी हल्का नंबर 6/5 की भूमि खसरा नंबर 392 में करीब 0.032 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है। यहां शासकीय सड़क मद की भूमि पर अतिक्रमण होने से लोगों को आवागमन बाधित हुआ है।

    इन लोगों ने किया था अतिक्रमण

    लक्ष्मण पिता ज्ञानदास ने बाड़ी लगाकर कब्जा किया। वहीं प्रेमचंद पिता हेमराव ने रुंधान कर कब्जा किया। इसी तरह बालचंद पिता उमराव ने बाड़ी लगाई। कमल पिता उमराव ने कच्चा मकान बनाया। इसी प्रकार कृष्णकुमार पिता मुहपत राव ने कच्चा मकान बनाकर अतिक्रमण किया। इसी तरह राजकुमार पिता कन्हैयालाल ने भी अतिक्रमण कर बाड़ी लगा डाली। जबकि मनीराम पिता नंदराम ने मकान, शौचालय व बाड़ी का निर्माण कर लिया। तहसीलदार के न्यायालय से हुए आदेश के बाद राजकुमार, लक्ष्मण, प्रेमचंद, बालचंद, कमल चंद व कृष्ण कुमार ने शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटा लिया।

    आवेदक का पटरवारी पर आरोप

    यहां कोचेवाही में फैले अतिक्रमण में शिकायतकर्ता की मानें पटवारी की मिलीभगत से गांव में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण फैला है। पटवारी के पास पूरा रिकार्ड होने के बाद भी उसने तहसीलदार को रिपोर्ट नहीं दी कि कोचेवाही में ग्रामीण सड़क मद की भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कर रहे हैं।

    ......

    कोचेवाही ग्राम में 7 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। सभी अतिक्रमणकारियों को बेदखली का आदेश जारी किया गया है। जो स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लेंगे तो ठीक है। वरना अंतिम अवसर देते हुए सप्ताह भर के भीतर अतिक्रमण कर बनाए गए मनीराम के मकान को जेसीबी मशीन से तोड़कर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

    -आरपी मार्को, तहसीलदार लांजी।

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