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    मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म

    Published: Wed, 09 Aug 2017 08:26 AM (IST) | Updated: Wed, 09 Aug 2017 08:26 AM (IST)
    By: Editorial Team

    मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

    मुलताई। नवदुनिया न्यूज

    मुलताई थाना क्षेत्र में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात 3 बजे एक आरोपी द्वारा मानवता को शर्मसार करते हुए गांव की ही एक दिव्यांग एवं मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म किया गया। रात के समय जब पीड़िता की मां की नींद खुली तो उसने आरोपी को दुष्कर्म करते हुए देखा, जिसके बाद उसने हल्ला मचाया और मोहल्ले वालों को जमा किया, रात में अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भाग गया, लेकिन मंगलवार को मुलताई पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है एवं पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता जन्म से ही दिव्यांग है एवं मूक-बधिर एवं मानसिक दिव्यांग भी है। पीड़िता चल-फिर भी नहीं पाती और घिसटकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि सोमवार-मंगलवार की रात वह अपनी बेटी को खटिया के समीप सुलाकर खुद भी खटिया पर सो गई थी। आरोपी टुकड़े पिता चैतु धुर्वे द्वारा उसकी बेटी का मुंह दबाकर उसके साथ गलत काम कर रहा था। रात को 3 बजे जब उसकी नींद खुली और उसने टार्च जलाकर देखा तो आरोपी टुकड़े बेटी के साथ गलत काम कर रहा था, जब उसने हल्ला मचाया तो वह भागने लगा, इधर आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग जाग गए। आरोपी भागते-भागते धमकी दे गया कि यदि रिपोर्ट की तो जान से खतम कर दूंगा। पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी बेटी और उसके सिवा घर में कोई नहीं है, पति की पहले ही मौत हो गई और अन्य दो बेटियों का पहले ही विवाह हो चुका है। दिव्यांग होने से पीड़िता उसके साथ रहती है और जैसे-तैसे वह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी टुकड़े के खिलाफ धारा 376-2-1, 450,506 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस द्वारा आरोपी को पकड़ लिया गया है।

    मुलताई में नहीं हो पाया मेडिकल

    पीड़िता एवं उसकी मां पहले ही परेशान है, लेकिन रिपोर्ट लिखवाने के बाद उनकी परेशानी अभी कम नहीं हुई है। पीड़िता को मेडिकल के लिए बैतूल जाना प़ड़ेगा, क्योंकि मुलताई के सरकारी अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक नहीं है। ऐसे में दिव्यांग पीड़िता को उसकी मां के साथ बैतूल ले जाया जाएगा, पुलिस द्वारा वाहन की व्यवस्था कर पीड़िता को बैतूल भेजा जाएगा। यदि मुलताई के अस्पताल में महिला डाक्टर होती तो पीड़िता और उसकी मां को परेशान नहीं होना पड़ता और मुलताई में ही उसका मेडिकल हो जाता।

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