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    गांव के कुए और ट्यूबवेल सूखे, दो किमी दूर से पानी ला रही महिलाएं

    Published: Tue, 21 Mar 2017 08:14 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 08:14 AM (IST)
    By: Editorial Team

    गांव के कुए और ट्यूबवेल सूखे, दो किमी दूर से पानी ला रही महिलाएं

    तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, पानी उपलब्ध कराने की मांग

    फोटो------20 बीटीएल 17

    मुलताई। ज्ञापन सौंपती महिलाएं एवं ग्रामीण।

    मुलताई। ग्राम सोनोली में कुए और बोर पूरी तरह से सूख चुके है, महिलाओं को दो किमी दूर एक कुए से पानी लाना पड रहा है। जल समस्या से परेशान ग्रामीण एवं महिलाएं सोमवार को एसडीएम आफिस पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर गांव में पानी उपलब्ध कराने की मांग की हैं। महिलाओं ने बताया कि पिछले दो महीनों से गांव में जल संकट बना हुआ है, लेकिन जनपद पंचायत और पीएचई कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

    साहब सचिव और पीएचई के अधिकारियों को दस बार गांव में जल संकट की समस्या बता दी है, लेकिन ना तो सचिव ध्यान दे रहा है और ना ही पीएचई के अधिकारी, ग्रामीण जब भी पीएचई के कार्यालय जाते है, साहब कार्यालय में नहीं मिलते, फोन भी ठीक से बात तक नहीं करते, उन्हें समस्या बताओ तो भी उन्हें गांव की समस्या से कोई लेना-देना नहीं हैं। उक्त बाते ग्राम सोनोली की दर्जनों महिलाओं ने तहसीलदार राकेश शुक्ला से कही। ग्रामीण ललीता भूमकर, आशा हुरमोड़े, ज्योति बाई, कंचना वराठे, रोशनी, दीपिका आदि ने सपा नेता अनिल सोनी के नेतृत्व में तहसीलदार को बताया कि पिछले दो महीने से गांव में जल संकट गहराया हुआ है। पानी महिलाओं को भरना पडता है, दो किमी दूर से पानी लाना पडता है, ऐसे में महिलाए सबसे ज्यादा परेशान है। महिलाओं ने मांग की है कि गांव में पानी की पूर्ति टैंकरों से करवाई जाए, इसलिए जल परिवहन के निर्देश देकर जल संकट से छुटकारा दिलाया जाए। तहसीलदार ने समस्या के जल्द ही निराकरण का आश्वासन दिया है।

    9 हैंडपंप सूखे, पीएचई के अधिकारी सो रहे

    ग्राम सोनोली जामगांव पंचायत के अंतर्गत आता है, यहां 9 हैडपंप है, सभी हैडपंप सूखे हुए है। बार-बार पीएचई को शिकायत करने के बाद भी पीएचई के अधिकारी सोए हुए है। किसी भी हैडपंप में पाइप नहीं बढाए गए हैं, हालात तो यह है कि पीएचई के अधिकारियों ने गांव तक जाने की जेहमत नहीं उठाई और आफिस में बैठकर ही बहाने बनाते रहे। गांव में जब पानी का संकट ज्यादा हो गया तो ग्रामीणों केा आकर ज्ञापन सौंपना पडा।

    कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए थे निर्देश

    कलेक्टर शशांक मिश्रा ने पिछले दिनों ससुंद्रा में सीएफटी लेकर स्पष्ठ निर्देश दिए थे कि किसी भी गांव में जल संकट नहीं फैलना चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि जहां भी पानी की समस्या हो, वहां पानी का परिवहन करवाया जाए और ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करवाया जाए, लेकिन कलेक्टर के निर्देश के बाद भी क्षेत्र के ग्रामीण पानी के लिए परेशान है। हालात यह है कि दो-दो किमी दूर से पानी लाना पड रहा है।

    इधर भौतिक सत्यापन का नहीं आया रिजल्ट

    नगर में जल संकट को देखते हुए टैंकरों का भौतिक सत्यापन करवाया गया था, लेकिन दूसरे दिन भी भौतिक सत्यापन का कोई रिजल्ट सामने नहीं आया। सूत्रों के अनुसार दो टैंकरों को छोड़कर अन्य सभी टैंकर 4500 लीटर के हैं, ऐसे में नगर पालिका द्वारा रिजल्ट सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है, अगर 7 टैंकर 4500 लीटर के निकले तो पिछले एक साल में लाखों लीटर पानी की चोरी होना तय है। नपा के अधिकारी जल्द ही भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कह रहे हैं।

    इनका कहना

    कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि गांवों में जल संकट से निपटने के लिए आवश्कता होने पर जल परिवहन किया जाए। सोनोली में जल संकट से निपटने आवश्यक कदम उठाएं जाएंगे। राजेश शाह एसडीएम मुलताई।

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