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    सुनी सबकी, दिया एक ही जवाब 'देखते है'

    Published: Tue, 21 Mar 2017 08:15 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 08:15 AM (IST)
    By: Editorial Team

    लीड खबर.........

    कैचवर्डः निर्धारित समय से एक घंटे देरी से हरदा स्टेशन पहुंचा पमरे के महाप्रबंधक का काफिला

    हैडिंगः सुनी सबकी, दिया एक ही जवाब 'देखते है'

    सब हैडिंगः कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन के साथ जीएम को दी नवदुनिया की कॉपी

    फोटो 01 हरदा। जीएम को नवदुनिया में प्रकाशित खबर दिखाते हुए।

    फोटो 03 हरदा। डीआरएम को निर्देश देते हुए जीएम।

    फोटो 04 हरदा। जीएम से मिलने के लिए एसएस कक्ष के बाहर खड़ी लोगों की भीड़।

    हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

    पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई इटारसी-खंडवा रेलखंड के वार्षिक निरीक्षण के दौरान सोमवार को हरदा रेलवे स्टेशन पहुंचे। वैसे तो जीएम का निर्धारित कार्यक्रम दोपहर 2.10 बजे से था, लेकिन उनका काफिला एक घंटे लेट दोपहर 3.10 बजे हरदा स्टेशन पर आया। वैसे तो जीएम सिर्फ निरीक्षण और कुछ लोकार्पण करने ही हरदा स्टेशन आए थे, लेकिन हरदा से जुड़ी कुछ समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में शहरवासी भी स्टेशन पर पहुंच गए। स्टेशन प्रबंधक कक्ष में एक-एक कर जीएम ने समस्याएं तो सभी की सुन ली, लेकिन हर समस्या पर जीएम ने सिर्फ एक ही औपचारिक जवाब दिया है ''देखते है, दिखवाते है''। लोगों की उम्मीद थी कि महाप्रबंधक के आने से तुरंत कुछ सौगाते मिल सकती है, लेकिन एक भी समस्या का तुरंत निराकरण नही कर, हर सवाल पर दिखवाते ही जवाब मिला। हो सकता है रेलवे की व्यवस्था के अनुसार समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई संभव न हो, लेकिन अपनी समस्या पर औपचारिक जवाब सुन लोग मायूस होकर ही लौटे। इधर ज्ञापन देते समय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जीएम को नवदुनिया में प्रकाशित खबर भी दिखाई और उन्हे 20 मार्च के अंक की कॉपी भी दी। हरदा से जुड़ी समस्याओं को लेकर नपाध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष, कांग्रेसी पार्षद, जिला कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, अधिवक्ता संघ, फाईल वार्ड निवासी आदि लोग जीएम से मिले और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डीआरएम आलोक कुमार के साथ बड़ी संख्या रेलवे का स्टाफ मौजूद था।

    और जीएम समझकर दौड़ने के कारण गिर पड़ा युवक

    अमूमन निरीक्षण पर आए अधिकारियों की स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म 1 पर रूकती है, लेकिन इस बार जीएम की ट्रेन को प्लेटफार्म 2 पर खड़ी की गई। करीब 15 मिनट बाद रेलवे के एक अधिकारी ट्रेन से उतरे और फुट ओवर ब्रिज से होते हुए प्लेटफार्म 1 पर आए। चूंकि आमजन में पहले किसी ने जीएम को नही देखा तो, लोगों ने उन्हे ही जीएम समझ लिया। इस दौरान जीएम को ज्ञापन देकर के लिए एक युवक दौड़ा और अनियंत्रित होकर गिर गया। जिसके बाद आरपीएफ के ही एक जवान ने उसे बताया कि हड़बड़ाएं नही यह जीएम नही है, साहब पीछे आ रहे है।

    इन मांगों को जीएम के सामने उठाया

    - भोपाल के लिए एक ट्रेन का अतिरिक्त स्टॉपेज हो, नागपुर-भुसावल नियमित की जाए। अन्य रूट की ट्रेनों का भी स्टॉपेज मिले।

    - प्लेटफार्म की लंबाई बढ़े, ताकि जनरल कोच में चढ़ने के लिए आउटर तक नही जाना पड़े।

    - ओवर ब्रिज का जल्द से जल्द निर्माण हो, ताकि स्टेट हाईवे से गुजरने के दौरान जाम का सामना न करना पड़े।

    - फाइल वार्ड की ओर फुट ओवर ब्रिज की ओर लंबाई बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को निकलने में आसानी हो।

    जीएम के दौरे के कारण स्टेशन पर यह देखने को मिला

    - स्टेशन के हॉल के सामने एक शिकायत पेटी थी, जो अमूमन वहां कभी रहती ही नही है।

    - डिप्टी एसएस कार्यालय के बाहर नया केनवास स्ट्रेचर और व्हील चेयर रखी गई।

    - तीनों प्लेटफार्म पर डस्टबिन थे और उनमें पॉलीथीन लगी हुई थी, जबकि इससे पहले यह व्यवस्था नही देखी गई।

    - पहली बार सभी कर्मचारी ड्रेस कोड में नजर आए।

    जीएम ने निरीक्षण के दौरान यह किया

    - इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सचेंज, डिजिटल एलईडी, रेलवे कालोनी के पार्क और नए आवास का लोकार्पण किया।

    - सोलर वॉटर पंप के बंटन को दबाकर उसे स्टॉर्ट कर पंप का शुभारंभ किया।

    - बायो टॉयलेट टैंक, लाइट ट्रॉली, हेंड ब्रेक व्हील मेंकिंग डिवाइस की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

    - रेलवे इंस्टट्यूट का निरीक्षण कर, वहीं लंच किया।

    बॉक्स में लगना है....

    सीएस की तरह अब जीएम भी हुए बिना नंबर की कार में सवार (फोटो 02)

    प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी के बाद अब रेलवे के जीएम भी बिना नंबर की कार में सवार हुए। 15 मार्च को हेलीकॉप्टर से प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी हरदा आए थे। यहां से वह तुरनाल बिना नंबर की एक कार में सवार होकर गए थे। ठीक इसी तरह सोमवार को पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई भी बिना नंबर की एक लक्जरी कार में सवार होकर स्टेशन से रेलवे इंस्टट्यूट गए। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक निर्धारित अवधि के बाद बिना नंबर के वाहन में सफर करना गैरकानूनी है। नियम के मुताबिक जब तक वाहन पर नंबर नही हो तब तक वाहन से सफर नही किया जा सकता। उल्लंघन करने पर 3 हजार रूपए जुर्माने तक का प्रावधान है। हालांकि इस मामले में वाहन सिर्फ रेलवे संपत्ति के आसपास से ही गुजरा।

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