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    दूरी कम बताकर हजारों के परमिट कर की चोरी, शिकायत के बाद जांच शुरू

    Published: Mon, 14 Aug 2017 04:03 AM (IST) | Updated: Mon, 14 Aug 2017 04:03 AM (IST)
    By: Editorial Team

    दूरी कम बताकर हजारों के परमिट कर की चोरी, शिकायत के बाद जांच शुरू

    परमिट कर की हो रही चोरी

    फोटो---13 बीटीएल 13

    मुलताई। आरटीओ कार्यालय में टांगी गई दर सूची।

    मुलताई। एक बस कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए आरटीओ कार्यालय होशंगाबद से लगभग दो दर्जन से ज्यादा बसों को कम किलोमीटर के परमिट जारी कर दिए हैं, जिससे हजारों रुपए के परमिट कर की चोरी हो रही है। बस संचालक मनोज मालवीय द्वारा इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद जांच चालू हो गई है और अब अधिकारी खुद को बचाने के लिए गोल-मोल जवाब दे रहे हैं। आरटीओ द्वारा 26 बसों को लगभग सौ फेरों के लिए मार्ग की दूरी कम बताकर परमिट जारी कर दिए गए हैं।

    वैसे तो मुलताई से बैतूल व्याहा आठनेर जाने के लिए एक बस को 91 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, इस तरह आने जाने में उसे 182 किमी चलना पड़ेगा, लेकिन आरटीओ द्वारा एक बस कंपनी की बसों को केवल इस फेरे के लिए 85 किमी की दूरी बताकर 13200 रुपए में परमिट जारी कर दिया है, जबकि उक्त परमिट 14400 रुपए में जारी होना था, इस तरह 26 बसों को परमिट जारी कर लाखों के परमिट कर की चोरी की जा रही है। उक्त आरोप मालवीय बस कंपनी के संचालक मनोज मालवीय ने लगाएं है और पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। शिकायत के बाद मामले में जांच शुरू हो गई है। मनोज मालवीय द्वारा इस संबंध में पीडब्यूडी से सड़कों की दूरी लंबाई के दस्तावेज भी प्राप्त किए गए हैं, जिसमें साफ तौर पर उनकी शिकायत सही नजर आ रही है। जबकि आरटीओ द्वारा अन्य बस संचालकों को इसी दूरी के लिए 14400 रुपए में परमिट जारी किए गए हैं।

    पीडब्ल्यूडी के सूची से एक कदम आगे पहुंच गया आरटीओ

    पूरे मामले में रोचक तथ्य यह भी है कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सभी स्थानों की एक स्थान से दूसरे स्थान की दूरी को चिन्हिाकिंत कर किलोमीटर जारी किए गए हैं, लेकिन आरटीओ कार्यालय द्वारा पीडब्ल्यूडी की इस सूची को कचरे के डिब्बे में डालते हुए मनमर्जी से आवेदन किए गए किलोमीटर की जांच किए बिना ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। जिससे लगातार राजस्व कर की हानि हो रही है, लेकिन शिकायतकर्ता की शिकायत टेबल-टेबल खेल रही है और कार्रवाई नहीं हो रही है।

    बस संचालकों द्वारा किया जाएगा विरोध

    पूरे मामले में अब विभिन्न बस संचालक एक होकर कार्रवाई की मांग के लिए ज्ञापन एवं प्रदर्शन की बात कह रहे है। बस संचालक मनोज मालवीय ने बताया कि आरटीओ कार्यालय से एक बस संचालक को फायदा पहुंचाने के गलत तरह से परमिट जारी करवाएं जा रहे हैं, वहीं अन्य बस संचालकों से भेदभाव किया जा रहा है। इधर जब भी कार्रवाई की मांग की जाती है तो उन्हें धमकी देकर चुप करवाया जाता है।

    इनका कहना

    यह हमारे कार्यालय का नीजि मामला है, आपको दस्तावेज देखना है तो कार्यालय आ जाईए, फोन पर मैं कोई जानकारी नहीं दे सकता, मामले में जांच हो रही हैं, वैसे भी परमिट होशंगाबाद से जारी हुए है।

    -अरविंद सिंह, आरटीओ, बैतूल।

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