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    खुशी लेकर आया त्योहार, मासूम को 25 दिन बाद मिली मां की गोद

    Published: Thu, 16 Mar 2017 03:54 AM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 02:48 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    भिंड। होली का त्योहार इस बार बाल गृह आश्रम में रह रहे ऊदल (12) के लिए खुशियां लेकर आया। ऊदल 1 मार्च से बाल गृह में रह रहा था, लेकिन कोई भी उसकी बात नहीं समझ पा रहा था। इस कारण उसके मां-पिता से संपर्क नहीं हो पा रहा था। 12 मार्च को बालगृह में जनपद अध्यक्ष संजू जाटव बच्चों के साथ होली मनाने पहुंची। इस दौरान उन्हें ऊदल के बारे में बताया गया। जनपद अध्यक्ष ने ऊदल को गोद में लेकर करीब 30 मिनट बात की। ऊदल ने बताया कि वह शिवपुरी के बैराड़ का रहने वाला है।

    जनपद अध्यक्ष ने शिवपुरी में पुलिस से संपर्क किया और मासूम के मा-पिता का पता खोज निकाला। बुधवार को मां विमला देवी और पिता मांगीलाल जाटव ने बताया ऊदल 19 फरवरी से लापता था। पूरे 25 दिन बाद मासूम को मां की गोद नसीब हुई।

    रिकॉर्ड में गलत लिखा था पता

    ऊदल 1 मार्च को भिंड पहुंचा तो उसे बाल कल्याण समिति के पास ले जाया गया। कोई भी ऊदल की बातों को ठीक से नहीं समझ सका। यही वजह है कि शिवपुरी के बैराड़ की बजाए उसका पता झांसी का बड़ार लिख लिया गया। झांसी में उसके मां-पिता को खोजने की कोशिश की गई, जो कि पता गलत होने से सफल नहीं हो सकी।

    वहीं होली की पूर्व संध्या पर जनपद अध्यक्ष संजू जाटव पति गजराज जाटव के साथ बालगृह के बच्चों के साथ होली मनाने के लिए पहुंची। इस दौरान उन्हें सभी बच्चे तो हंसते खेलते दिखे, लेकिन ऊदल उदास नजर आया। जनपद अध्यक्ष कहती हैं कि उन्होंने आश्रम के अधिकारियों से जानकारी ली तो मालूम हुआ कि वह घर का पता सही नहीं बता पा रहा है, जिससे मां-पिता से संपर्क नहीं हो सका है। इसके बाद जनपद अध्यक्ष ने ऊदल को पास बुलाकर गोद में बैठाया। बातचीत शुरू की तो ऊदल की बातें समझ आने लगी, जिससे उसका पता भी मिला और साफ हुआ कि उसके मां पिता झांसी नहीं, बल्कि शिवपुरी में रहते हैं।

    बेटे को पाकर मां के छलक आए आंसू

    बुधवार को मां विमला देवी और पिता मांगीलाल जाटव बाल गृह आश्रम आ गए थे। आश्रम के पदाधिकारियों ने इस दौरान बाल कल्याण समिति में लिखापढ़ी कर ऊदल को उसके मां-पिता को सौंपने की कार्रवाई पूरी कर ली थी। जनपद अध्यक्ष संजू जाटव की मौजूदगी में ऊदल को मां और पिता के सुपुर्द किया गया। बेटे को पाकर मां की आंखों से आंसू छलक आए। मां विमला देवी ने कहा ऊदल को उन्होंने हर जगह खोजा, लेकिन कहीं सुराग नहीं लगा था। मां बोली कि हमें तो उम्मीद नहीं थी कि बेटे को दोबारा मिल पाएंगी। ऊदल 3 भाई और 4 बहनें हैं।

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