Naidunia
    Saturday, August 19, 2017
    PreviousNext

    108 एंबुलेंस की ऑडिट, 55 की सेहत ठीक नहीं

    Published: Sun, 23 Oct 2016 10:45 PM (IST) | Updated: Sun, 23 Oct 2016 10:45 PM (IST)
    By: Editorial Team

    भोपाल। नवदुनिया न्यूज

    प्रदेश भर में दौड़ रहीं 108 एंबुलेंस की सेहत ठीक नहीं है। हाल ही में कराए गए एक ऑडिट में सामने आया है कि करीब 55 एंबुलेंस में मरम्मत की जरूरत है। लेकिन, इनका मरम्मत कौन कराए इसको लेकर तकरार शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर के बाद से 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही जिगित्सा हेल्थ केयर ने कहा है कि एंबुलेंस का संचालन अभी तक ईएमआरआई कर रही थी, इसलिए उन्हीं को मैंटेनेंस कराना चाहिए। उधर, इएमआरआई के अफसरों ने कहा कि एनएचएम से पैसा मिलेगा तभी वे मेंटेनेंस कराएंगे।

    108 एंबुलेंस का संचालन 20 अक्टूबर के से जिगित्सा हेल्थ केयर के हाथों में आ गया है। जिगित्सा ने एंबुलेंस लेने से पहले उनकी फिजिकल ऑडिट कराई थी। इसके पीछे मकसद यह था कि मरीजों को बेहतर स्थिति वाली एंबुलेंस की सेवाएं मिल सकें। महीने भर चली ऑडिट में सामने आया है कि करीब 55 एंबुलेंस में मरम्मत की जरूरत है। कुछ में मामूली तो कुछ में ज्यादा काम है। जिगित्सा हेल्थ केयर के डायरेक्टर ने मरीष सचेती ने कहा कि अभी तक इन एंबुलेंस का संचालन जो कंपनी कर रही थी उसी को मैंटेनेंस कराना चाहिए, क्योंकि गाड़ियों की हालत उन्हीं के संचालन दौरान बिगड़ी है।

    --------

    जल्द आएंगी 38 नई एंबुलेंस, 2 साल में 155 बदली जाएंगी

    नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों ने बताया कि 38 नई एंबलेंस आ चुकी हैं। इनका फैब्रीकेशन का काम हो रहा है। इन्हें जल्द ही चलाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जिन एंबुलेंस की हालत ज्यादा खराब है, उनकी जगह ये एंबुलेंस रखी जाएंगी। दो साल के भीतर अलग-अलग चरण में 155 नए एंबुलेंस आ जाएंगी। पुरानी व ज्यादा चल चुकी एंबुलेंस को हटा दिया जाएगा। 3 लाख किमी से ज्यादा चल चुकी एंबुलेंस को बदलने का नियम खुद सरकार ने बनाया है। लेकिन, करीब 50 गाड़ियां इस सीमा से ज्यादा चल चुकी हैं।

    -------------

    ईएमआरआई को मैंटेनेंस के लिए कहेंगे

    एनएचएम के डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक गहलोत ने कहा कि कुछ एंबुलेंस में मैंटेनेंस की जरूरत है। मैंटेनेंस खर्च का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। कुछ गाड़ियां बदली जा रही हैं,इसलिए उनकी मरम्मत की जरूरत नहीं है। बाकी के लिए ईएमआरआई को बोलेंगे।

    -------

    एनएचएम से पैसा मिला तो कराएंगे मरम्मत

    ईएमआरआई के रीजनल मैनेजर रहे प्रदीप साने ने कहा कि एंबुलेंस का संचालन हम पीपीपी मोड पर कर रहे थे। मैंटेनेंस का खर्च एनएचएम से मिलता था। अब संचालन दूसरी कंपनी के हाथ में चला गया है। फिर भी मैटेनेंस के लिए एनएचएम से पैसा मिला तो हम मरम्मत करा देंगे। कंपनी अपने पैसे मरम्मत क्यों कराएगी।

    और जानें :  # 108 ambulence
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें