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    अंग्रेजों के जमाने के 401 ब्रिज तोड़कर नए बनाएगी सरकार

    Published: Fri, 19 May 2017 11:03 PM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 07:28 AM (IST)
    By: Editorial Team
    demo bridge 19 05 2017

    भोपाल। अंग्रेजों के जमाने में बने पुल-पुलिया तोड़कर नए बनाए जाएंगे । सरकार ने स्टेट हाईवे और मुख्य जिला मार्ग के 401 पुल, पुलिया और रपटे चिन्हित किए हैं। जिन्हें तोड़कर अगले चार साल में नए पुल बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से 1725 करोड़ रुपए कर्ज ले रही है। इसी साल अक्टूबर से पुलों का निर्माण शुरू होगा।

    प्रदेश की 110 सड़कों पर स्थित ये पुल, पुलिया और रपटे 50 से सवा सौ साल पुराने हैं। ईंट और पत्थरों को चुनकर बनाए गए ये पुल अपनी औसत उम्र पूरी कर चुके हैं, इस कारण ये सुरक्षित नहीं रहे हैं। इनकी चौड़ाई भी कम है और इन पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पुल निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया जून में शुरू होने की संभावना है। विभाग की पूरी तैयारी है। बैंक से प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिलते ही विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा।

    72 पुल-पुलिया छोड़े

    लोनिवि ने नेशनल पार्क, अभयारण्यों में स्थित 72 पुल, पुलिया और रपटों को प्रस्ताव में शामिल नहीं किया है। इनके निर्माण में वाइल्ड लाइफ बोर्ड की मंजूरी चाहिए। अफसरों को लगता है कि इनकी वजह से पूरी प्रक्रिया रुक जाएगी, इसलिए इनका प्रस्ताव अलग से जाएगा। नेशनल हाईवे पर स्थित 20 पुल, पुलिया हाईवे अथॉरिटी को सौंप दिए हैं।

    ये पुल बनाए जाएंगे

    - गंजबासौदा से सिरोंज मार्ग स्थित बेतवा नदी पर बने करीब सवा सौ साल पुराने पुल को तोड़कर नया बनाया जाएगा।

    - भोपाल-चिकलोद रोड पर तिलेंडी गांव के नजदीक करीब 50 साल पुराने पुल को तोड़कर नया बनाया जाएगा। ये रास्ता नेशनल हाईवे-12 का शॉर्टकट है।

    - इंदौर-देपालपुर स्थित मुरखेड़ा नाले और सिटी रिंग रोड पर बंगाली स्क्वयर के नजदीक बना पुल फिर से बनेगा।

    - रीवा में स्टेट हाईवे-18 पर स्थित जोज नाले पर बना पुल फिर से बनेगा।

    - ग्वालियर जिले में मकोड़ा करयावती सखनी रोड स्थित पार्वती नदी पर बने पुल को फिर से बनाया जाएगा।

    नेशनल हाईवे पर डेढ़ सौ साल पुराने पुल

    नेशनल हाईवे पर डेढ़ सौ साल पुराने पुल, पुलिया व रपटे हैं। इनमें सबसे पुराना विदिशा का रंगई पुल है। जर्जर हो चुके इस पुल की चौड़ाई भी कम है। छतरपुर-रीवा सड़क पर आर्च ब्रिज और विदिशा-सागर सड़क पर राहतगढ़ में बीना नदी पर बना पुल भी सवा सौ साल पुराना है।

    चार साल में तैयार करेंगे

    पुलों के निर्माण के लिए एनडीबी से कर्ज ले रहे हैं। बैंक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कर्ज मंजूरी के संकेत भी मिले हैं। राशि मिलते ही काम शुरू कर देंगे। चार साल में सभी पुल तैयार करने का लक्ष्य है।

    अखिलेश अग्रवाल, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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