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    शर्तिया इलाज जैसे भ्रामक विज्ञापनों को बंद करने के लिए स्पष्ट नीति बने

    Published: Tue, 12 Sep 2017 08:02 PM (IST) | Updated: Wed, 13 Sep 2017 07:45 AM (IST)
    By: Editorial Team
    shivraj 12 09 2017

    भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मांग की है कि टीवी पर शर्तिया इलाज और गारंटी के साथ गोरा करने जैसे विज्ञापनों पर रोक लगना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीवी पर ऐसे विज्ञापनों की लाइन लगी है, जो समाज में एक अजीब किस्म की मानसिकता बना रहे हैं।

    यह बात उन्होंने मंगलवार को प्रशासन अकादमी में जनअभियान परिषद और केंद्र सरकार के बीच प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने को लेकर हुए एमओयू के दौरान कही। ब्रांडेड और जेनेरिक दवाइयों की तुलना के दौरान उन्होंने कहा कि यदि कोई चीज महंगी है तो लोग सोचते हैं कि उसकी गुणवत्ता अच्छी है। ऐसी सोच भ्रामक विज्ञापनों के कारण ही बनी है।

    कार्यक्रम में केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स ऑफ इंडिया के सीईओ विप्लव चटर्जी और जनअभियान परिषद के ईडी उमेश शर्मा के बीच औषधि केंद्र खोलने को लेकर एमओयू हुआ। शिवराज ने कहा कि मप्र में जन अभियान परिषद एक हजार प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलेगा। हम इसका प्रचार भी करेंगे और दीवारों पर लिखकर इसका सस्ता प्रचार करेंगे।

    लक्स घिसने से सुंदर नहीं हुए, रामदेव की बात अलग है

    शिवराज ने बातों ही बातों में बाबा रामदेव के ट्रस्ट के उत्पादों की तारीफ कर डाली। उन्होंने कहा कि टीवी पर विज्ञापन आता है कि लक्स साबुन से गोरे होंगे। घिस-घिसकर जिंदगी निकल गई, लेकिन सुंदर नहीं बने। बाबा रामदेव की बात अलग है। उन्होंने कई कंपनियों की छुट्टी कर दी।

    स्वास्थ्य मंत्री को दिए निर्देश- अब से जेनरिक दवाई ही खरीदें

    मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान ही स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह को निर्देश दिए कि कॉर्पोरेशन के जरिए ब्रांडेड दवाइयां खरीदना बंद कर दें। सिर्फ जेनरिक दवाई ही खरीदी जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट डॉक्टर भी जेनरिक दवाइयां लिखें और पर्चे में उसके साथ ब्र्रांडेड दवाइयों के नाम भी लिखें।

    पीएम जनऔषधि केंद्र पर मिलेंगे स्टेंट: मनसुख

    केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों पर स्टेंट भी मिलेंगे। इसके साथ ही कुछ अन्य मेडिकल उपकरण औषधि केंद्रों पर रखने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी हमारी गरीब जनता को महंगी दवाइयां बेचकर लूट रही है, लेकिन अमेरिका में ही भारत में बनी जेनरिक दवाइयों का उपयोग हो रहा है।

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