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    कोर्ट ने पूछा, टीनू जोशी यदि निर्दोष हैं तो फरार क्यों थीं

    Published: Wed, 14 Jan 2015 10:36 AM (IST) | Updated: Wed, 14 Jan 2015 10:42 AM (IST)
    By: Editorial Team
    tinu-joshi-jail 2015114 104135 14 01 2015कोर्ट में सरेंडर के बाद पूरे समय इस तरह शॉल से मुंह छुपाए रहीं टीनू जोशी।

    बर्खास्त आईएएस टीनू जोशी ने किया सरेंडर, जमानत खारिज होने पर रो पड़ी, कोर्ट ने भेजा जेल

    भोपाल (नप्र)। आय से अधिक संपत्ति मामले में लंबे समय से लोकायुक्त पुलिस को छका रहीं बर्खास्त आईएएस अधिकारी टीनू जोशी ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्हील चेयर पर दो नर्सो के साथ आई टीनू जोशी की ओर से उसके वकील ने कहा कि उनकी पक्षकार निर्दोष हैं। इस पर विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने सख्त टिप्पणी कर कहा कि यदि वह निर्दोष हैं, तो फरार क्यों थीं? वकील ने बीमारी का हवाला देकर जमानत लेने की भरपूर कोशिश की लेकिन न्यायधीश के सख्त रवैये और जमानत खारिज होने पर वह रो पड़ी।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में अन्य 12 आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर समानता का लाभ नहीं दिया जा सकता। आरोपी अरविंद जोशी और टीनू जोशी में अन्य आरोपियों से समानता इसलिए भी नहीं है कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में लंबे समय से अधिकारी रहे हैं। उन्हें प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह से ज्ञान है।

    इन प्रक्रियाओं की जानकारी के बावजूद भी वह लंबे समय से फरार रहे हैं। कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि वह प्रशासनिक सेवा के प्रभावशाली उच्च पदों पर रहे हैं, जिस पर रहते हुए अरविंद जोशी और टीनू जोशी ने भ्रष्टाचार के माध्यम से 43 करोड़ 20 लाख 23 हजार 416 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। उनका यह कृत्य समाज पर विपरीत प्रभाव डालता है। साथ ही गंभीर अपराध होने से जमानत का लाभ दिया जाना उचित नहीं है।

    एंबुलेंस से आई

    इससे पहले टीनू जोशी कोर्ट में सरेंडर होने के लिए एंबुलेंस से पहुंची थी। वह व्हील चेयर पर दो नर्सो के साथ आई थी उनके साथ उनके ससुर और वकील प्रतुल्य शांडिल्य थे। इस दौरान उन्होंने इस बात का भी पूरा ध्यान रखा कि कोई भी फोटो ग्राफर उनका फोटो न खींच सके। कोर्ट रूम में पहुंचने के बाद वह करीब 5 घंटे बैठी रही जहां चुपचाप अदालती कार्रवाई देखती रही।

    मेडिकल दस्तावेजों का दिया हवाला

    टीनू जोशी की ओर से कोर्ट में जमानत पाने के लिए अपनी बीमारियों के संबंध में मेडिकल पर्चों को पेश कर दिया गया। जिसमें बताया गया कि उनका इलाज दिल्ली स्थित मौलाना आजाद अस्पताल में चल रहा है जहां उन्हें सिवियर पेलविक इन्फ्लामेंट्री डिसीज बीमारी बताई गई है। डॉक्टरों ने उन्हें यूट्रस निकलवाने की सलाह दी है। उनके ऑपरेशन के लिए उदयपुर, राजस्थान स्थित पन्‍नाधाम महिला चिकित्सालय में 14 जनवरी को बुलाया गया है लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार कोर्ट में सरेंडर कर रहीं हैं।

    कोर्ट ने लोकायुक्त की नीयत पर उठाए सवाल

    आदेश में कोर्ट ने लोकायुक्त की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अरविंद-टीनू जोशी का प्रभाव इसी बात से स्पष्ट है कि उन्हें जांच के दौरान कभी भी गिरफ्तार करने का प्रयास नहीं किया गया। कोर्ट ने यह भी साफ तौर पर कहा कि लोकायुक्त के वकील ने जमानत अर्जी पर कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया।

    क्या है मामला

    बर्खास्त आईएएस अफसर दंपती अरविंद-टीनू जोशी के घर पर वर्ष 2010 में लोकायुक्त पुलिस ने छापा मारा थे। इस कार्रवाई में लोकायुक्त को दोनों द्वारा भ्रष्टाचार के माध्यम से कमाई गई 43 करोड़ 20 लाख 23 हजार 416 रुपए की आय से अधिक संपत्ति प्राप्त हुई थी। इस मामले में लोकायुक्त ने जोशी दंपती उनके परिजनों, मित्रों सहित 17 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। इस मामले में आरोपी बनाए गए 12 लोगों को कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया था, जिन्हें हाईकोर्ट से जमानत आदेश मिलने पर ही छोड़ा गया।

    आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही मामले के सभी आरोपियों ने अग्रिम जमानत प्राप्त करने का भी प्रयास किया था जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किए हुए थे। इसी मामले में जोशी दंपती लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया। अग्रिम जमानत प्राप्त करने के लिए जोशी दंपति ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें वहां भी 17 दिन के भीतर विचारण न्यायालय में सरेंडर करने का फरमान सुना दिया गया।

    कोर्ट ने पहले यह फरमान 8 दिसंबर 2014 को टीनू जोशी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया था लकिन उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए दोबारा 18 दिसंबर को अर्जी लगा दी। इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर करने की अवधी बढा दी थी जिसका मंगलवार को अंतिम दिन था। कयास लगाए जा रहे थे कि टीनू जोशी के पति अरविंद जोशी भी सरेंडर कर सकते हैं लकिन यह धारणा कयास ही रही।

    उल्लेखनीय है कि जोशी दंपति के खिलाफ जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा, विशेष न्यायाधीश संजीव कालगांवकर, विशेष न्यायाधीश वीके पांडे व एक अन्य सेशन न्यायालय में भ्रष्टाचार, संपत्ति राजसाज किए जाने संबंधी प्रकरण लंबित हैं। मामले में टीनू जोशी और अरविंद जोशी के गिरफ्तार होते ही इन मामलों की सुनवाई में भी तेजी आ जाएगी।

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