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    क्‍या आईएएस जोशी दंपति को बचाने में लगी है सरकार

    Published: Mon, 05 May 2014 07:13 PM (IST) | Updated: Tue, 06 May 2014 06:00 AM (IST)
    By: Editorial Team
    tinu-arvind-joshi 05 05 2014

    भोपाल (ब्यूरो) मध्यप्रदेश कॉडर 1979 बैच के निलंबित आईएएस अध‍िकारी अरविंद जोशी और टीनू जोशी की बर्खास्तगी को राज्य सरकार टालने में लगी हुई है। यही वजह है कि केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) के कहने के बावजूद राज्य सरकार ने सवा माह बाद भी उक्त मामले पर अपनी रिपोर्ट केन्द्र को नहीं भेजी है। राज्य सरकार जोशी दंपति को अपनी सफाई देने के लिए एक अवसर और देने जा रही है।

    सूत्रों का कहना है कि टीनू जोशी अगस्त 2014 और अरविंद जोशी नवंबर 2014 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में उनकी बर्खास्तगी को उनकी सेवानिवृत्ति तक टाले जाने की कवायद की जा रही है। उल्लेखनीय है कि डीओपीटी के निर्देश पर राज्य सरकार ने 26 मार्च को निलंबित आईएएस दंपति को नोटिस जारी कर 15 दिन में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था, लेकिन उन्होंने तय समय में कोई जवाब नहीं दिया।

    अवधि गुजरने के दस दिन बाद जोशी दंपति ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर अपना पक्ष तैयार होने तक का समय मांगा। उनके द्वारा यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनका जवाब कब तक तैयार होगा। सूत्रों का कहना है कि उनके पत्र के आधार पर कार्मिक विभाग ने जोशी दंपति को एक ओर अवसर देने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है।

    डीओपीटी ने तय समय में मांगा था जवाब

    संघ लोक सेवा आयोग द्वारा निलंबित जोशी दंपत्ति को बर्खास्त करने की सिफारिश करने के बाद डीओपीटी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर जोशी दंपति को अपनी सफाई देने का एक ओर अवसर प्रदान किया था। डीओपीटी ने 20 मार्च को राज्य को पत्र लिखकर कहा था कि बखास्तगी के मामले में जोशी दंपत्ति से 15 दिन में जवाब लेकर अपने अभिमत के साथ प्रस्ताव भेजे, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।

    ढाई साल तक केन्द्र में रहा पेडिंग

    जोशी दंपति के मामले में अकेले राज्य सरकार ढील पोल का रवैया नहीं अपना रही है। इसके पहले केन्द्र सरकार भी उनके प्रकरण को ढाई साल तक दबा कर रख चुकी है। राज्य सरकार ने अक्टूबर 2011 में आईएएस दंपति को बर्खास्त करने का प्रस्ताव डीओपीटी को भेजा था। पहले तो 8 माह तक उक्त प्रस्ताव परीक्षण के नाम पर डीओपीटी में पड़ा रहा, इसके बाद जून 2012 में उसने यूपीएससी को उक्त प्रस्ताव भेज दिया। यूपीएससी ने इस मामले पर निर्णय लेने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की थी। 13 मार्च को यूपीएससी ने जोशी दंपति को बर्खास्त करने की सिफारिश डीओपीटी से की ।

    प्रदेश की पहली आईएएस दंपत्ति

    प्रदेश में किसी आईएएस दंपति को बर्खास्त किए जाने का मामला पहला है। जोशी दंपति के निवास पर आयकर विभाग ने फरवरी 2010 में छापा मारा था। इस दौरान आयकर विभाग को उनके निवास से 3 करोड़ 4 लाख स्र्पए नकदी के अलावा लगभग 45 करोड़ से अध‍िक के अचल संपत्ती के दस्तावजे मिले थे। इस पर राज्य सरकार ने 5 फरवरी को जोशी दंपति को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से दंपति की निलंबन अवधि को हर 6 माह बाद बढ़ाई जा रही है।

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