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    MP बुजुर्गों के साथ होने वाले अपराधों में देश में दूसरे नंबर पर

    Published: Thu, 07 Dec 2017 08:30 PM (IST) | Updated: Thu, 07 Dec 2017 08:34 PM (IST)
    By: Editorial Team
    elderly demo 07 12 2017

    भोपाल। वरिष्ठ नागरिकों के साथ घटित होने वाले अपराधों के मामलों में मप्र देश में दूसरे नंबर का राज्य बन गया है। जबकि महाराष्ट्र सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल होकर पहले नंबर है। मप्र में अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बुजुर्ग रहे। जिनकी न केवल हत्या की गई, बल्कि उन्हें आसानी से लूटपाट व धोखाधड़ी का शिकार भी बनाया। प्रदेश में ऐसी करीब सवा दो सौ घटनाएं दर्ज की गईं। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों में यह तथ्य सामने आया है।

    बीते तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में वरिष्ठ नागरिकों के साथ करीब 10 फीसदी अपराध बढ़े हैं। वर्ष 2014 में जहां 3438 प्रकरण दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2015 में इनकी संख्या 3456 रही। वर्ष 2016 में बढ़कर यह 3877 पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2016 में वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले अपराधों की संख्या 21 हजार 410 थी, जिसमें से 18 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी मध्यप्रदेश की रही है।

    हत्या की घटनाएं ज्यादा हुईं

    2016 के आंकड़ों के मुताबिक सीनियर सिटीजन हत्या की घटनाएं भी पिछले साल ज्यादा हुईं। इस दौरान 82 अपराधों में 84 वृद्धों की हत्या हुई। इस दौरान 62 बुजुर्गों के साथ ठगी तो 58 लूट व तीन डकैती की घटनाएं सामने आईं। यही नहीं, विक्षिप्त मानसिकता वाले लोगों ने सात बुजुर्ग महिलाओं के साथ दुष्कर्म भी किया।

    नाबालिगों पर अपराध के मामले में मप्र तीसरे नंबर पर

    एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक नाबालिगों पर होने वाले अपराध के मामले में मध्यप्रदेश देशभर में तीसरे नंबर है। मध्यप्रदेश में 2014 में 15 हजार 85 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि 2015 में यह संख्या 12 हजार 859 थी, लेकिन 2016 में इसमें फिर वृद्धि हुई और अपराध के 13 हजार 746 मामले बने। वहीं, नाबालिगों के अपहरण के मामले में मध्यप्रदेश का स्थान उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद आता है।

    मप्र में 6016 प्रकरणों में 6119 नाबालिगों के अपहरण के मामले सामने आए। अपहृत नाबालिगों में से सात मामलों में हत्या की गई, जिनमें आठ लोग मारे गए। शादी के लिए अपहरण करने के मामले 1554 रहे, जिनमें 1556 लोग अपहृत हुए। प्रदेश में नाबालिगों की मानव तस्करी के भी 21 मामले हुए तो वेश्यावृत्ति के लिए बेचने के आठ मामले सामने आए। एनसीआरबी रिपोर्ट में इसी तरह वेश्यावृत्ति के लिए नाबालिगों को खरीदने के भी दो मामले सामने आए हैं।

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