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    नर्मदा यात्रा समापन में भारी भीड़ से प्रदूषण की आशंका!

    Published: Thu, 20 Apr 2017 11:51 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 08:36 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में 15 मई को होने वाले नर्मदा सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में जुटने वाली भारी भीड़ से भारी प्रदूषण की आशंका पर एनजीटी ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

    राज्य सरकार की ओर से इस अवसर पर 5 लाख लोगों की भीड़ जुटने का दावा किया जा रहा है। एनजीटी ने गुरुवार को राज्य सरकार, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव, अनूपपुर कलेक्टर, अमरकंटक नगर पालिका को नोटिस जारी कर 27 अप्रैल तक इस कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारियों को पूरा ब्यौरा तलब किया है।

    जस्टिस दलीप सिंह और डॉ. सत्यवान सिंह गर्बियाल की जूरी ने राज्य सरकार से पूछा है कि इस यात्रा में कितने लोग शामिल होंगे, इनमें से कितने लोग नर्मदाजी में स्नान करेंगे, इन लोगों के ठहरने और डेफिकेशन के लिए क्या इंतजाम हैं? इसके साथ ही अनूपपुर कलेक्टर और अमरकंटक नगर पालिका से उसकी तैयारियों की रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी ने चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए तो यात्रा के समापन कार्यक्रम पर रोक भी लगानी पड़ सकती है।

    कहीं न बन जाएं दिल्ली में यमुना जैसे हालात

    गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली में यमुना किनारे विश्व संस्कृति महोत्वस के दौरान भारी प्रदूषण के हालात पैदा हुए थे। श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित इस महोत्सव में लाखों लोगों के तीन दिन तक जमावड़े के बाद यमुना किनारे भारी गंदगी पसर गई। भारी मात्रा में डेफिकेशन हुआ जो सीधे यमुना में समाने के कारण जल प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया था। एनजीटी ने चिंता जाहिर की है कि कहीं नर्मदा के उद्गम स्थल पर भी ऐसे हालात न बन जाएं। एनजीटी ने इस मामले में श्रीश्री रविशंकर पर 5 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

    एनजीटी ने खारिज की शासन की कांवर से जैविक प्रदूषण की दलील

    एनजीटी ने नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में कॉलिफॉर्म बैक्टिरिया पाए जाने के मामले में अमरकंटक नगर पालिका और पीसीबी की कांवर चढ़ाए जाने को जिम्मेदार ठहराने की दलील को खारिज कर दिया है। एनजीटी ने नगरीय प्रशासन विभाग, वन विभाग और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को संयुक्त रूप से पानी में आने वाले कॉलिफॉर्म बैक्टिरिया का कारण पता करने के आदेश दिए हैं।

    गौरतलब है कि फरवरी माह में शिवरात्रि मेले के दौरान पीसीबी द्वारा की गई जांच में नर्मदा के उद्गम स्थल पर पानी की जांच में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई थी। एनजीटी ने इस मामले में डेढ़ माह पूर्व नोटिस जारी कर इसका कारण पता करने का आदेश दिया था। लेकिन अब तक सरकार की कोई भी एजेंसी संतोषजनक कारण पता नहीं कर सकी है।

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