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    डिफाल्टर्स का नाम लिखने बाजार में लगाया बोर्ड, जमा कराने लगे पैसे

    Published: Mon, 20 Mar 2017 04:08 AM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 11:40 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    संत हिरदाराम नगर, भोपाल। बैरागढ़ के थोक कपड़ा बाजार में बरसों पुरानी उधारी चमत्कारिक रूप से वापस आने लगी है। तीन माह में ही बाजार का एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) यानि डूबती उधारी का ग्राफ नीचे आ गया है। यह चमत्कार बाजार में डिफाल्टरों के लिए ब्लैक बोर्ड लगने के बाद हुआ है। बरसों से बाजार से गायब फुटकर व्यवसायी अब खुद थोक व्यापारियों के यहां पहुंचकर कह रहे हैं कि हमारा नाम बोर्ड पर मत लिखना हम आपके पैसे लौटा देंगे।

    थोक कपड़ा व्यापारी लंबे समय से पुराने बकाएदारों से परेशान हैं। हाल ही में कपड़ा संघ की नई कार्यसमिति ने बाजार में चार ब्लैक बोर्ड लगाए हैं। इसका मकसद बकाएदारों के नाम सार्वजनिक करना है। हालांकि अभी तक बोर्ड पर एक भी नाम दर्ज नहीं हुआ है। कपड़ा संघ के अध्यक्ष वासुदेव वाधवानी के मुताबिक बोर्ड लगने के बाद हमें करीब आधा दर्जन आवेदन मिले थे। आवेदन आधार पर संघ ने बकाएदारों को नोटिस भेजकर बकाया रकम जल्द जमा न करने पर नाम सार्वजनिक करने की चेतावनी दी।

    नोटिस के बाद राजी हुए डिफाल्टर

    वाधवानी के मुताबिक नोटिस मिलने के बाद कई पुराने बकाएदारों ने संबधित व्यापारियों से संपर्क कर कहा कि हमारा या हमारी फर्म का नाम बोर्ड पर मत लिखना। हम आपकी रकम देने को तैयार हैं। कुछ बकाएदारों ने लंबे समय से बंद कारोबार फिर से शुरू कर दिया है। अपनी प्रतिष्ठा को ध्यान में रखकर कुछ डिफाल्टरों ने थोक व्यापारियों से समय लिया है। कपड़ा संघ के पदाधिकारी शीलू मंगतानी व हरीश बिनवानी का कहना है कि बोर्ड लगने से अच्छे परिणाम आ रहे हैं। व्यापारी अपनी प्रतिष्ठा को ध्यान में रखकर रकम लौटा रहे हैं। करोड़ों रुपए हैं बकाया

    बताया जाता है कि कपड़ा बाजार में थोक व्यापारियों को भोपाल एवं आसपास के जिलों में स्थित फुटकर व्यवसायियों से करोड़ों रुपए लेने हैं। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण फुटकर व्यापारी एक दुकान की रकम रोककर दूसरी दुकान से माल ले रहे थे। अब इस प्रवृत्ति पर भी लगाम लगी है। इसी वर्ष से प्रस्तावित जीएसटी लागू होने के बाद बाजार में वैसे भी पूरा कारोबार कैशलेस होने की संभावना है। ऐसे में एनपीए घटने से व्यापारी प्रसन्न नजर आ रहे हैं। फोटो- बैरागढ़ बाजार में डिफाल्टरों के लिए लगे ब्लैक बोर्ड।

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