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    पीएससी से होगी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती

    Published: Thu, 12 Oct 2017 10:56 PM (IST) | Updated: Fri, 13 Oct 2017 07:47 AM (IST)
    By: Editorial Team
    mppsc 12 10 2017

    भोपाल। मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) से होगी। जुलाई में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) से भर्ती कराने का निर्णय शासन ने लिया था।

    चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अफसरों ने बताया कि व्यापमं ने परीक्षा कराने पर असमर्थता जताई है, इसलिए अब पीएससी से भर्ती का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में 591 पदों पर भर्ती की जानी है। परीक्षा की एजेंसी बदलने से भर्ती में देरी होगी। इस वजह से 2018-19 से एमबीबीएस शुरू करने के लिए नए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिलना मुश्किल होगा। बता दें कि अभी तक मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती इंटरव्यू के जरिए की जा रही थी। इसमें भाई-भतीजावाद के आरोप लग रहे थे।

    दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2018-19 से प्रदेश के सात नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबएस कोर्स शुरू किया जाना है। इसके लिए असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती की जा रही है। नए मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स के 444 पदों के लिए भर्ती होगी। इसके अलावा पुराने मेडिकल कॉलेजों खाली पड़े 151 पदों के लिए भी इसके साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। लिखित परीक्षा कराने का निर्णय इस साल मार्च में ही हो गया था, पर एजेंसी तय करने में देरी के चलते अभी तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।

    इसलिए पड़ी जरूरत

    - सात नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 444 पदों पर भर्ती होनी है। सिर्फ इंटरव्यू से इतने पदों पर भ्ार्ती में बहुत समय लगता।

    - इंटरव्यू में कई बार पक्षपात के आरोप लग रहे थे। अब इसकी गुंजाइश नहीं रहेगी।

    - योग्य टीचर्स की भर्ती हो सकेगी।

    इन नए कॉलेजों में 2018-19 से होना है एडमिशन

    शहडोल, विदिशा, रतलाम, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, दतिया और खंडवा।

    मार्च के पहले निरीक्षण के लिए आएगी एमसीआई टीम

    सात नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस का पहला बैच 2018-19 से शुरू करने की तैयारी है। लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को आवेदन किया है। अक्टूबर से मार्च के बीच एमसीआई की टीम कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए आएगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती फैकल्टी की भर्ती है। पुराने कॉलेजों की फैकल्टी ट्रांसफर होकर नए कॉलेजों में जाने को तैयार नहीं है। इसके पीछे तर्क यह है कि उनकी नियुक्ति स्वशासी भर्ती नियम के तहत हुई है।

    प्रमोशन चाहिए तो नए कॉलेजों में जाना होगा

    नए मेडिकल कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद भरने में काफी मुश्किल हो रही है। वजह, इन पदों को प्रमोशन से ही भरा जा सकता है। सीधी भर्ती नहीं की जा सकती। मौजूदा छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर का प्रमोशन तभी होगा जब वे नए कॉलेजों में जाने को तैयार होंगे। वरिष्ठता सूची भी किसी एक कॉलेज की जगह सभी कॉलेजों के लिए बनेगी।

    इनका कहना है

    सात नए मेडिकल कॉलेजों के लिए करीब 700 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती की जानी है। इंटरव्यू से इतने पद भरना संभव नहीं है, इसलिए पीएससी से भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज रहे हैं।

    शिवशेखर शुक्ला कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन

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