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    उमा भारती ने कहा : योगी आदित्यनाथ मुझसे सीख लें तो अच्छा

    Published: Mon, 20 Mar 2017 08:52 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 08:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
    uma 20 03 2017

    भोपाल। 'देश में विपक्ष कमजोर हुआ है और ऐसी स्थिति में विपक्ष की भूमिका को उस तरह से नहीं देखा जा सकता है, जैसी उम्मीद होती है। ऐसी स्थिति में पार्टी (भाजपा) को ही चिंतन करना होगा कि विपक्ष की भूमिका बनी रहे। उसे नजरअंदाज न किया जाए।"

    ये बात सोमवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने राजधानी में अपने निवास पर पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कांग्रेस राज्यों में पिछलग्गू और क्षेत्रीय पार्टियों के भरोसे है इससे आने वाले दिनों में वो पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। ऐसे में विपक्ष की भूमिका भी पार्टी को निभानी होगी। उप्र चुनाव में बीजीपी की शानदार जीत पर उन्होंने कहा कि तीन साल पहले जो मोदी लहर थी पर इस बार तूफान बन गई। ये जीत प्रमाण है कि तीन साल के मोदी सरकार के कार्यकाल को जनता ने पसंद किया है।


    योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने को लेकर जब उमा भारती से उनके कार्यकाल की चर्चा की गई तो वे बोलीं कि योगी मेरे से सीख ले लें तो अच्छा है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि मैंने उस वक्त भी कोई गलती नहीं की थी।

    केन-बेतवा की लांचिंग डेढ़ महीने में

    केन-बेतवा प्रोजेक्ट को लेकर उमा ने कहा कि डेढ़ महीने में इसकी लॉचिंग हो जाएगी। जिसमें चार लाख हेक्टेयर मप्र और दो लाख हेक्टेयर जमीन यूपी की सिंचित होगी। उन्हांेने कहा आने वाले तीन सालों में तलाबोें को जोड़ने का काम भी शुरू होगा।

    शिवराज के नेतृत्व में हो 2018 का चुनाव

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के केंद्र में जाने की अटकलों को लेकर उमा भारती ने कहा कि शिवराज के नेतृत्व में ही 2018 का चुनाव हो। उन्होंने कहा कि मैंने 173 सीटें लाई थी, मैं चाहती हूं कि शिवराज 175 लेकर आएं।

    नर्मदा-गंगा की तुलना नहीं

    उमा भारती ने कहा गंगा और नर्मदा की तुलना नहीं की जा सकती है। गंगा दुनिया की दस सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार है, जबकि नर्मदा स्वच्छ। शिवराज के नर्मदा सेवा यात्रा को लेकर उमा बोलीं कि इससे नर्मदा का भविष्य और ज्यादा सुरक्षित होगा।

    अलग बुंदेलखंड की मप्र से मांग अब नहीं

    अलग बुंदेलखंड को लेकर उमा ने कहा कि मप्र से अब इसकी मांग नहीं है, क्योंकि यहां जितना विकास हुआ है उससे लोग संतुष्ट हैं। इधर यूपी में दिक्कत यह है कि वहां का हिस्सा छोटा है।

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