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    फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड में फिर चला दमोह के युवक के कैमरे का जादू

    Published: Fri, 19 May 2017 08:33 PM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 07:56 AM (IST)
    By: Editorial Team
    harish patel 19 05 2017

    दमोह। कुछ कर दिखाने का जज्बा और लगन के आगे किस्मत की लकीरें भी इंसान के साथ चलने के लिए मजबूर हो जाती हैं। ऐसा ही कर दिखाया दमोह के युवा हरीश पटेल ने। अपनी लगन और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाकर मुकाम हासिल करने वाले हरीश बतौर कैमरा मैन कई हिंदी, पंजाबी और भोजपुरी फिल्मों में अपने कैमरे का जादू दिखा चुके है। शुक्रवार को उनकी बड़े बजट की हिंदी फिल्म 'हाफ गर्लफ्रेंड" भी देश भ्ार के सिनेमाघरों मे रिलीज हो गई है। फिल्म की रिपोर्ट भी बेहतर आई है।

    एक सामान्य परिवार में जन्मे हरीश दमोह में एक बैल्डिंग की दुकान चलाते थे, लेकिन उनका मन फिल्मी दुनिया में मुकाम पाने के लिए आतुर था। आखिरकार वर्ष 2000 में हरीश अपने सपने को पूरा करने के लिए मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गए और पहुंच गए अपने सपनों की नगरी मुंबई।

    बिना किसी जान पहचान के बॉलीवुड में एंट्री पाना मुश्किल था और वहां रहकर पेट की आग बुझाना और भी मुश्किल, लेकिन अपने जुनून के आगे उनकी परेशानियों को भी दम तोड़ना पड़ा। माह के 15 दिन मुंबई के किसी दुकान में वेल्डिंग की और 15 दिन स्टूडियो के चक्कर काटे। शुरूआत लाइटिंग के काम से की और धीरे-धीरे अपने सपने तक पहुंच गए।

    कैमरे का पहला शॉट पहली बार में ओके

    कुछ साल तक जी तोड़ मेहनत के बाद हरीश को एक शख्स की नजर हरीश पर पड़ी उनका नाम था महेश आने, जो फिल्मी दुनिया में बेहतर सिनेमेटोग्राफर के रूप में विख्यात थे। श्री आने ने हरीश की लगन को देखा और एक दिन उसे एक फिल्म का छोटा सा ट्राइल शॉट लेने के लिए कैमरा थमा दिया, फिर क्या था। हरीश ने पहली बार में ही पहले टेक में ओके शॉट दिया और फिर इसके बाद हरीश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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