Naidunia
    Monday, November 20, 2017
    PreviousNext

    सावधान! ज्यादा समय हो तभी जाएं लर्निंग लाइसेंस बनवाने

    Published: Tue, 21 Mar 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 10:19 AM (IST)
    By: Editorial Team
    dl 2017321 101951 21 03 2017

    इंदौर। कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम के बाद घंटों का काम मिनटों में होने के परिवहन विभाग के दावे की हकीकत इंदौर कार्यालय में देखी जा सकती है। यहां लर्निंग लाइसेंस बनाने में ही दो से ढाई घंटे लग रहे हैं। वहीं छुट्टी के अगले दिन भीड़ ज्यादा होने से करीब चार घंटे लगते हैं। हर दिन बनने वाले लाइसेंस की तुलना में यहां टैबलेट कम हैं।

    नायता मुंडला में ऑफिस शिफ्ट होने के बाद लाइट जाने और लिंक फेल होने की समस्या हर दूसरे दिन आ रही है। इससे आवेदकों को और अधिक समय लग रहा है। स्मार्ट चिप कंपनी को यहां 14 टैबलेट लगाना है, लेकिन अभी केवल छह लगे हैं। इनमें से भी कुछ टैबलेट में कई बार तकनीकी खराबी आ जाती है।

    इस तरह लगता है समय

    -मदन राठौर ने विभाग की बेवसाइट से सुबह 11.30 बजे का समय लिया था।

    -करीब 12 बजे वे अपने दो नंबर फॉर्म के साथ मार्कशीट,आधार कार्ड और दो फोटो लेकर आरटीओ गए।

    -यहां लर्निंग लाइसेंस सेक्शन तलाशकर वे 12.10 बजे पहुंचे।

    -यहां लंबी लाइन लगी थी, भीड़ देखकर समझ ही नहीं आया कि किससे मिलना है।

    -12.15 बजे एक एजेंट ने बताया अपने सारे दस्तावेज प्यून इमरान को दे दें।

    -मदन ने अपने आगे लगे करीब 60 लोगों की लाइन खत्म होने के बाद अपने दस्तावेज इमरान को दिए। इमरान ने दस्तावेज चेक कर रजिस्टर में इंट्री करने के बाद उन्हें इंतजार करने के लिए कहा। इसमें करीब 1 घंटा लगा।

    -करीब 45 मिनट बाद उनका नाम पुकारा गया।

    -नाम पुकारने के साथ ही उन्हें एक पेपर दिया गया, जिस पर उनका 'रिफरेंस आईडी' दर्ज था। उन्हें कहा गया कि आप टैबलेट पर अपना रिफरेंस आईडी देकर परीक्षा दें। इसमें करीब 10 मिनट लगे।

    -टैबलेट पर 10 में से 6 सवालों के सही जवाब देने पर मदन ने परीक्षा पास कर ली।

    -करीब 15 मिनट इंतजार करने के बाद उनका वेब केम पर फोटो लिया गया और कहा गया कि तीन बजे बाद आकर अपना लाइसेंस ले लें।

    टैबलेट और कैमरे बढ़ाने के लिए लिखा है पत्र

    आरटीओ और स्मार्ट चिप कंपनी को पत्र लिखकर टैबलेट और कैमरों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा है। जिस हिसाब से लोग आने लगे हैं, उससे समय लगता है। इंदौर में प्रतिदिन लगभग 300 लर्निंग लाइसेंस बनते हैं। इसमें लोगों को थोड़ा इंतजार करना पड़ता है।

    अर्चना मिश्रा, एआरटीओ, लाइसेंस शाखा प्रभारी

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें