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    आईओसीएल के मैनेजर नेनहीं निकाला था दो साल तक वेतन

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    - हर साल अलग से लगभग दस लाख रुपए जमा होते थे खाते में

    भोपाल। ब्यूरो

    आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्लांट मैनेजर जीसी वर्मा की जांच कर रही सीबीआई को नया तथ्य पता चला है। अब तक हुई जांच में यह बात सामने आई है कि वर्मा ने दो साल (वर्ष 2011 और 2012 में) तक वेतन में से एक रुपए भी नहीं निकाला। वहीं इसी दौरान व आगे भी लगातार उनके खाते में हर साल करीब दस लाख रुपए भी जमा होते रहे। वर्मा की वार्षिक आय 29 लाख रुपए है। सीबीआई ने आईओसीएल द्वारा की गई शिकायत के बाद वर्मा के खिलाफ 17 नवंबर को मामला दर्ज किया था। इस मामले में वर्मा के पास आय से 77 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की बात सीबीआई पहले ही कह चुकी है।

    22 नवंबर को मारा था छापा

    सीबीआई ने प्रारंभिक पड़ताल के बाद 22 नवंबर को वर्मा के 12 नंबर स्थित बंगले और भौरी स्थित प्लांट के दफ्तर में छापा मारा था। इस दौरान सीबीआई को 30 से ज्यादा दस्तावेज, घर से करीब 50 हजार रुपए नकद, चार एकड़ जमीन और दो बैंक लॉकर के साथ एक मकान की जानकारी मिली थी। जब्त दस्तावेजों में वर्मा की संपत्ति कुल आय से 77 फीसदी अधिक होने के प्रमाण मिले थे। सीबीआई अभी भी दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है। वर्मा भौरी स्थित आईओसीएल के एलपीजी प्लांट में तीन साल से कार्यरत है और उनके खिलाफ पूर्व में भी बिजिलेंस की जांच हो चुकी है।

    इस सप्ताह खुल सकते हैं लॉकर

    सूत्रों की मानें तो दस्तावेजों के परीक्षण में जुटी सीबीआई इस सप्ताह के अंत तक वर्मा के दो बैंक लॉकर को खोल सकती है। वहीं वर्मा के घर और दफ्तर से सीबीआई ने जब्त किए कम्प्यूटर हार्डडिस्क और पैनड्राइब और लैपटॉप की जांच चल रही है। अधिकारियों की मानें तो लॉकर खुलने के बाद मामले में कुछ नए खुलासे हो सकते हैं।

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