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    नजूल नक्शे से अतिक्रमण हटाया तो खंडहर बन जाएगा बाजार

    Published: Fri, 19 May 2017 11:19 PM (IST) | Updated: Fri, 19 May 2017 11:19 PM (IST)
    By: Editorial Team
    19 maych 025 19 05 2017

    प्रशासन ने 1979 के नजूल नक्शे से लगाए चिन्ह

    छतरपुर। नगर में फव्वारा चौक से गांधी चौक होते हुए रामगली बजरिया व छत्रसाल चौराहे तक मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने 1979 के नजूल नक्शे के आधार पर सड़क की चौंड़ाई व अतिक्रमण को चिन्हित किया है। इसे लेकर दुकानदारों में घबराहट और पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। यदि इस नजूल नक्शे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई तो मुख्य बाजार 40 फिट सड़क खाली कराने के लिए पूरा बाजार खंडहर में तब्दील हो जाएगा।

    पिछले दिनों जोगेन्दर सिंह पेट्रोल पंप से हाइवे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही लोगों में हड़कंप मच गया था। जैसे ही अधिकारियों की टीम फव्वारा चौक से बाजार की ओर मुड़ने लगी वैसे ही अचानक यह कार्रवाई रोक दी गई। बाद में प्रशासन ने कार्रवाई पर लगे मिलीभगत और मनमानी के आरोपों के तहत 1979 के नजूल नक्शे के आधार पर 40 फिट चौंड़ी सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बाकायदा अतिक्रमण को चिन्हित करके लाइन डालने की कार्रवाई शुरू कर दी। जैसेजैसे यह कार्रवाई एक तरफ फव्वारा चौक से महोबा रोड की ओर व दूसरी तरफ फव्वारा चौक से गांधी चौक की ओर हुई वैसे ही वर्तमान में 20 फुट चौंड़ी सड़क में नजूल नक्शे के अनुसार 40 फिट चौंड़ी सड़क की खोज और इसके बीच में आने वाले अतिक्रमण हटाने के बारे में सोचकर व्यापारियों को पसीने आने लगे। यदि प्रशासन ने चिन्हों के आधार पर पूरी योजना बनाई और कार्रवाई शुरू कर दी तो 40 फिट चौंड़ी सड़क निकालने के लिए पूरे बाजार को खंडहर में बदल दिया जाएगा। इसी बात को लेकर इन दिनों तरहतरह की चर्चाओं और कयासों का दौर चल रहा है। व्यापारियों का साफ कहना है कि अतिक्रमण हटना चाहिए लेकिन 1979 के नजूल नक्शे के आधार पर अंधी कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। चर्चा तो यहां तक है कि यदि प्रशासन इसी आधार पर कार्रवाई शुरू करता है तो इसका व्यापक विरोध होगा, यहां तक कि यह विरोध आंदोलन में भी बदल सकता है। समाजसेवी सौरभ तिवारी का कहना है कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई अतिक्रमण विरोधी मुहिम में आमजन और व्यापारी भी सहयोगी हैं लेकिन यदि 1979 के नजूल नक्शे से कार्रवाई की गई तो व्यापारियों को काफी अहित होगा। जनहित और व्यापारियों के हित को देखते हुए उम्मीद है कि प्रशासन अंधी कार्रवाई की जगह व्यापारियों की सलाह से उचित ढंग से अतिक्रमण हटाएगा। व्यापारी सज्जाद खान का कहना है कि यदि प्रशासन अपनी नाप के अनुसार अतिक्रमण हटाता है तो कई दुकानें तो पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएंगी, पूरा मार्केट खंडहर बन जाएगा। जिससे व्यापार को नुकसान और व्यापारियों का अहित होगा। इस कारण इस अभियान को सहयोग नहीं बल्कि विरोध का सामना करना होगा।

    इनका कहना है

    'अभी फव्वारा चौक से गांधी चौक तक 1979 के नजूल नक्शे के आधार पर अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। कार्रवाई इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि प्रशासन का हर कदम उचित हो। '

    डीपी द्विवेदी

    एसडीएम, छतरपुर

    खबर बाक्स में

    पार्किंग बनाकर नालियों तक हटे अतिक्रमण

    अतिक्रमण विरोधी अभियान को देखते हुए लोगों का कहना है कि सबसे पहले प्रशासन को पार्किंग के लिए चिन्हित स्थानों को खाली कराके वहां पार्किंग की व्यवस्था करना होगी और नालियों के ऊपर जमे अतिक्रमण को हटाकर नालियों को मुक्त कराया जाए तो सड़क काफी चौंड़ी नजर आएगी। व्यापारियों का कहना है कि विकास के नाम पर यदि प्रशासन विनाश की बुनियाद रखेगा तो इसका विरोध होगा और यदि उचित तोड़फोड़ के साथ विकास अभियान चलाया जाएगा तो इसे आमजन का भी समर्थन मिलेगा। उल्लेखनीय है कि फव्वारा चौक से गांधी चौक, रामगली बजरिया, महल तिराहा होते हुए छत्रसाल चौराहे तक पूरा बाजार मार्ग इन दिनों गंभीर अतिक्रमण की चपेट में है। यहां से दिन में वाहनों का निकलना मुश्किल होता है। कई बार जाम लगा है, इस अतिक्रमण से सभी परेशान हैं। इसके बावजूद आम लोगों की राह है कि अतिक्रमण तो हटाया जाए लेकिन 1979 के नजूल नक्शे के आधार पर बाजार को खंडहर बनाकर नगर को बर्बाद न किया जाए।

    नोट समाचार के साथ फोटो 25 एवं 26 लगाएं। केप्सन है

    छतरपुर। गांधी चौक से हटवारा की ओर बाजार मार्ग जहां से हटेगा अतिक्रमण। 25 एवं 26

    और जानें :  # chhaterpur news
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