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    मेला जलविहार में बरसे बुन्देली संस्कृति के रंग

    Published: Thu, 14 Sep 2017 01:07 AM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 01:07 AM (IST)
    By: Editorial Team
    13 sepch 08 14 09 2017

    बुंदेलखंडी प्रस्तुतियों के साथ जलविहार मेले का समापन

    छतरपुर। स्थानीय गल्ला मंडी में चल रहे मां अन्नपूर्णा मेला जलविहार का समापन बुंदेली प्रस्तुतियों के साथ किया गया। मेले की आखिरी शाम बुंदेली संस्कृति के नाम रही। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता आलोक चतुर्वेदी थे जबकि अध्यक्षता महाराजपुर विधायक मानवेंद्र सिंह ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी हरि अग्रवाल, सुनील असाटी व हर्ष अग्रवाल मौजूद रहे।

    मेला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी आलोक चतुर्वेदी ने कहा कि बुन्देलखण्ड में कहीं भी इतने अधिक संख्या में विमानों का एक साथ बैठना हमने नहीं देखा, यह मेला हमारे शहर की विरासत है और धरोहर है। यह किसी व्यक्ति या समिति की धरोहर नहीं। मेले में आर्थिक मदद करने वाले तो बहुत मिल जाएंगे लेकिन अब मेले को धन से ज्यादा जन की आवश्यकता है। समिति को चाहिए कि वह शहर के ऊर्जावान एवं अच्छे बुद्घिजीवी लोगों को मेले से जोड़ें। माँ अन्न्पूर्णा मेला जलविहार गल्ला मंडी का समापन दसवीं शाम बुन्देली संस्कृति के नाम पर रही जिसमें इन्क्रेडिबिल इवेन्ट और स्वर्ण बुन्देल कला ग्रुप के कलाकारों द्वारा बुन्देलखण्ड का पूरे देश में धूम मचाने वाले प्रसिद्घ बधाई नृत्य एवं ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुति दी गई साथ ही मुस्कुरा की ढोल पार्टी ने माँ की महाआरती ढोल की थाप पर कराई और पार्टी के कलाकारों ने एक से बढक़र एक हैरतअंगेज करतब दिखाए जिन्हें देख लोगों ने दाँतों तले उंगलियां दबा लीं। समिति द्वारा देर रात ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी कर विमानों की विदाई दी गई। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन राजेश रूसिया द्वारा किया गया।

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    मेले का संचालन साहसिक कार्य : विधायक

    समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधायक मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि सभी वर्ग के लोगों का साथ लेकर ही मेले का आयोजन किया जा सकता है 10 दिन तक मेले का संचालन बहुत साहसिक कार्य है। यह कार्य मनोरंजन, आंनद और धार्मिक संतुष्टि के लिए किया जाता है। भंवरराजा ने कहा कि मुझे मेला जलविहार समिति सदस्य के रूप में सम्मलित माने मैं सदैव आपके साथ खड़ा हूँ। विशिष्ट अतिथि हर्ष अग्रवाल ने कहा कि मेरे पिता स्व. अनुपम अग्रवाल का मेला जलविहार से आत्मीय लगाव था वह हर वर्ष मेले में आते थे मै उनकी जगह तो नहीं ले सकता, लेकिन उनके बाते मार्ग व आदर्शों पर चलने की कोशिश करूंगा। साथ ही समिति को जो सहयोग हमारे पिता द्वारा दिया जाता रहा है वह अनवरत जारी रहेगा। मैं माँ अन्नपूर्णा से प्रार्थना करता हूँ कि माँ की कृपा से क्षेत्र में खुशहाली आए और सुख-शांति बनी रहे। समिति संरक्षक हरि अग्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मेला समिति को सहयोग कर दानदाताओं ने जो बीजारोपण किया था आज वह वृक्ष बनने की ओर अग्रसर है। मेला जलविहार सभी के सहयोग से प्रगति की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। माँ अन्नपूर्णा की कृपा और जन सहयोग से मेला और ऊँचाईयों तक पहुंचेगा ऐसी हमारी कामना है।

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    बधाई एवं ढिमरयाई नृत्य की शानदार प्रस्तुति

    मेला की आखिरी शाम इन्क्रेडिविल इवेन्ट के डायरेक्टर कीर्ति वर्धन सिंह के निर्देशन में स्वर्ण बुन्देल ग्रुप के कलाकारों ने बुन्देलखण्ड के प्रसिद्घ लोकनृत्य बधाई एवं ढिमरयाई नृत्य की शानदार मनमोहक प्रस्तुतियां मंच से दी। प्रस्तुति देने वालों में बृजेश रैकवार, राज गुप्ता, सचिन, प्रियंका, चांदनी सहित अन्य कलाकार शामिल रहे। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित श्रोताओं की जमकर तालियां मिली साथ ही इंडिया ग्रेनाईट के सुनील असाटी द्वारा 1100 रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर नगर में रक्तदान महादान जैसा महत्वपूर्ण कार्य कर रहे रक्त हर वक्त परिवार को मेला समिति ने मंच से आमंत्रित अतिथियों द्वारा सम्मान पत्र दिलाकर सम्मानित किया। साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे अभिषेक त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए समाजसेवी आलोक चतुर्वेदी ने घोषणा की कि शीघ्र ही नगर में निजी ब्लड बैंक खुलेगा। जिसे खोलने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कर दी जाएगी। इन्क्रेडिविल इवेन्ट के निर्देशन में मुस्कुरा के 11 सदस्यीय ढोल पार्टी के कलाकारों ने माँ अन्नूपर्णा की महाआरती कराई और अपनी कला को जौहर दिखाये जिन्हें देखकर लोगों ने अपनी उंगलियां दांतों तले दबा ली। ढोल कलाकारों ने चार-चार ढोलों पर चढक़र ढोल बजाना, चारों तरफ आग लगाकर बीच में ढोल बजाना, गले में ढोल का पट्टा फंसा कर गोल-गोल घूमना, मुंह से आग निकालने जैसे हैरत अंगेज कारनामे करके दिखाए। तत्पश्चात मेला समिति द्वारा मंदिर प्रांगण में विराजमान विभिन्न मंदिरों के विमानों का विधिवत ढोल-नगाड़ों से विदाई दी गई। इस अवसर विमानों की सेवा करने वाले पुजारियों को समिति ने उपहार एवं नगद पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया और सहयोग के लिए आभार ज्ञापित किया।

    नोट समाचार के साथ फोटो 08, 09, 10 का केप्सन है

    छतरपुर। बुंदेली नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार। 08

    छतरपुर। नादिया मर्दन नृत्य की प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र। 09

    छतरपुर। हैरतअंगेज प्रस्तुति देते मुस्करा की ढ़ोल पार्टी के कलाकार।

    और जानें :  # chhaterpur news
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