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    नोटबंदी का असर विजयवर्गीय के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर भी

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    इंदौर। नगर प्रतिनिधि

    नोटबंदी का असर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में भी नजर आ रहा है। विजयवर्गीय ने याचिका में आवेदन देकर गुहार लगाई कि एकसाथ 35 गवाहों का भत्ता भरने के लिए उनके पास नकद नहीं है। पांच-पांच गवाहों का भत्ता भरने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि 15 गवाहों को बुलाओ। उन्हें कोर्ट में ही भत्ता दे देना। गुरुवार को ही झूठे शपथ-पत्र मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई थी।

    विजयवर्गीय के खिलाफ चुनाव याचिका अंतरसिंह दरबार ने दायर की है। इसमें दरबार और सीएम की ओर से गवाहों के बयान हो चुके हैं। 25 नवंबर को कोर्ट ने विजयवर्गीय के बयान दर्ज किए थे। अब उनकी ओर से अन्य गवाहों के बयान होना हैं। बुधवार को विजयवर्गीय ने एक आवेदन दिया था। इसमें कहा कि वे 35 गवाहों को बयान के लिए बुलाना चाहते हैं। एकसाथ इनका भत्ता भरने के लिए उनके पास नकद रकम नहीं है। भत्ता राशि का चेक स्वीकार नहीं हो रहा। इसलिए पांच-पांच गवाहों का भत्ता भरने की अनुमति दी जाए। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट रवींद्रसिंह छाबड़ा और विभोर खंडेलवाल ने आवेदन का विरोध किया कि याचिका में दो मुद्दे हटाए जा चुके हैं। 35 गवाहों को बुलाने की जरूरत नहीं। याचिका में 5 दिसंबर से गवाहों के बयान शुरू होंगे।

    सामान्यतः 500 रुपए होता है भत्ता

    छाबड़ा ने बताया कि सामान्यतः हाई कोर्ट में 500 रुपए प्रति गवाह के हिसाब से भत्ता भराना होता है। इस हिसाब से 35 गवाहों की भत्ते की रकम 17,500 रुपए बनती है। प्रोसेस शुल्क 15 रुपए प्रति गवाह देना होता है। यह रकम 525 रुपए होती है। इस तरह विजयवर्गीय को 35 गवाहों के लिए 18 हजार 25 रुपए जमा कराना थे।

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