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    कलेक्टर से बोला आवेदक, निराकरण नहीं हुआ तो परिवार के साथ कर लूंगा आत्महत्या

    Published: Tue, 20 Jun 2017 09:47 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 09:47 PM (IST)
    By: Editorial Team
    20dm08 20 06 2017

    दमोह। नईदुनिया प्रतिनिधि

    मंगलवार को जनसुनवाई में जिले भर से आवेदक अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर के पास पहुंचते हैं। यहां पहुंचे आवेदक कलेक्टर से इस तरह के सवाल करते हैं कि वे भी हैरान रह जाते हैं। इसी तरह एक समस्या लेकर हटा विकासखंड का एक आवेदक जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुंचा। उसने आवेदन में लिखा था कि यदि उसकी समस्या हल नहीं होती तो वह कलेक्ट्रेट में ही पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेगा। यह सुनते ही कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा हैरान रह गए और कड़क अंदाज में एक अभिभावक की तरह डांटते हुए उसे समझाया कि आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं। आपके आवेदन पर सुनवाई की जाएगी। इसी तरह दो माह से वेतन न मिलने से नाराज जिला अस्पताल की नर्सें भी वेतन दिलाए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर के पास पहुंची।

    जलाशय में डूब रहा मकान

    हटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले निवाई गांव निवासी नन्नू पिता कन्हैया लाल अहिरवार अपने परिजन के साथ मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचा। जहां उसने कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा को आवेदन देते हुए बताया कि उसका मकान पिपरिया जलाशय में डूब रहा है। करीब 3 फीट पानी भर गया है और मकान में रखा अनाज भी बेकार हो चुका है। उसके बच्चे इस समस्या से काफी परेशान हैं। जिसके चलते नन्नू ने कलेक्टर को जो आवेदन दिया उसमें लिखा था कि समस्या का समाधान न होने पर परिवार सहित आत्महत्या कर लेगा। आवेदन पर लिखी बात को आवेदक ने भी दोहराया और आत्महत्या करने की बात कही। जिस पर पहले तो कलेक्टर श्री शर्मा काफी नाराज हुए और उन्होंने एक अभिभावक की तरह आवेदक को समझाया। कलेक्टर ने कहा कि आपके आवेदन पर सुनवाई की जाएगी और समस्या का शीघ्र ही समाधान किया जाएगा।

    सिविल सर्जन को नहीं मालूम कितना वेतन बकाया

    इसी तरह जिला अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है जिससे वह काफी परेशान हैं। जिसके चलते इन्होंने विगत दिनों कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर वेतन दिलाने की मांग की थी, लेकिन इनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते इन्होंने मंगलवार को अस्पताल परिसर में अपनी समस्याओं को लेकर काम बंद रखा, लेकिन डॉक्टरों की समझाइश के बाद उन्होंने अपना काम चालू कर दिया और कलेक्टर के पास अपनी समस्या का आवेदन लेकर पहुंची। इन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की 80 नर्सों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला। कलेक्टर श्री शर्मा ने सिविल सर्जन डॉ.बीआर अग्रवाल को बुलाकर पूछा कि नर्सों का कितना वेतन बकाया है, लेकिन सिविल सर्जन को स्वयं नहीं मालूम था कि नर्सों का कितना वेतन बकाया है। इसलिए उन्होंने कह दिया कि अभी बजट नहीं है। जिस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन से कहा कि आपको यह तो पता रहना चाहिए कि कर्मचारियों का कितना वेतन देना है। इसके बाद नर्सों ने स्वयं कलेक्टर को अपने बकाया वेतन की जानकारी दी। कलेक्टर ने नर्सों को दो दिन के अंदर वेतन दिलाने का आश्वासन दिया है।

    आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लेकर पहुंचे आवेदक

    जिलास्तरीय जनसुनवाई का सीएम हेल्पलाइन में एकीकरण हो चुका है। इसके लिए जनसुनवाई में पहुंचने वाले आवेदकों को आवेदन के साथ आधार और मोबाइल नंबर की जानकारी भी देना है। जिससे वे सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। जिन आवेदकों को जानकारी मिल चुकी थी वे अपना आधार और मोबाइल नंबर साथ लेकर पहुंचे जिससे उनके आवेदन को ऑनलाइन अपलोड कर दिया है। वहीं कुछ आवेदक ऐसे भी पहुंचे जिन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं थी। उन्हें बताया गया कि अब से आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी साथ लाना है।

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