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    बारिश में हर साल डूब जाता है ये श्मशान घाट, अंतिम संस्कार में आती है परेशानी

    Published: Sun, 16 Jul 2017 12:45 AM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 12:11 AM (IST)
    By: Editorial Team
    graveyard in flood 2017718 0943 16 07 2017

    बसई। बसई में 6 वर्ष पूर्व बने श्मशान घाट में टूटे पड़े शेड और चबूतरे की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को मजबूरन अपने खेतों पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। बेतवा नदी के पास बने श्मशान घाट में मात्र बाउंड्रीवॉल बनी हुई।

    वहीं बेतवा नदी का पानी भी श्मशान घाट में भर जाता है। जो लोगों के लिए कष्ट का कारण बनता है। वहां छाया के लिए व्यवस्थित शेड और दाह संस्कार के लिए चबूतरा न बना होने से बरसात के दौरान शवों के संस्कार में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि बसई में श्मशान घाट में शेड और चबूतरा निर्माण के लिए आई राशि को संबंधितों ने बंदरबांट कर ली, जिसके कारण बसई निवासी परेशानी में है।

    बेतवा के पानी में डूब जाता है श्मशान घाट

    बरसात के मौसम में बेतवा का पानी बढ़ जाने से कुछ दूरी पर बने इस श्मशान घाट में चारों ओर पानी ही पानी हो जाता है। जिसके कारण यहां अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के चलते लोग श्मशान घाट के बजाय नदी किनारे ही संस्कार करते हैं। जिन ग्रामीणों के पास खेत हैं वह अपने खेतों पर ही संस्कार कर परेशानी से बचने की कोशिश करते हैं।

    ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ जाने से पूरा श्मशान घाट भी डूब जाता है । नदी में करीब तीस फुट से अधिक ऊंचाई पर पानी भर जाने से बसई सहित देवगढ़, चौबाहा, हीरापुर आदि कई गांवो में एलर्ट तक की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में लोगों को दाह संस्कार करने में बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए बना रास्ता भी ऊबड़ खाबड़ होने से लोगों का आना जाना कष्टप्रद होता है। बसई जैसी पंचायत में श्मशान घाट तक की व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय प्रशासन इस समस्या से अवगत होते हुए भी समाधान की ओर कोई प्रयास नहीं कर रहा है।

    बसई में नदी किनारे जो श्मशान घाट बना है, उसमें छाया और चबूतरे की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में नदी किनारे ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बरसात में भारी परेशानी उठानी रहती है।

    इन्द्रभान सिंह लोधी स्थानीय निवासी बसई

    श्मशान घाट परिसर में एक-दो चबूतरे और बनाने की सोच रहे हैं। ज्यादा बारिश से कभी कभी श्मशान घाट में पानी भर जाता है, जिससे परेशानी तो होती है। वरिष्ठ अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हैं

    कैलाश लोधी, सचिव ग्राम पंचायत बसई

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