Naidunia
    Tuesday, June 27, 2017
    PreviousNext

    जिम्मा ग्रामीण विकास का, पंचायतों के खुद के भवन हो रहे जर्जर

    Published: Tue, 20 Jun 2017 09:50 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 09:50 PM (IST)
    By: Editorial Team

    -33 पंचायतों के भवन नहीं, 128 के जर्जर, नए भवन व मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे, कामकाज में आती है परेशानी-

    देवास। नईदुनिया प्रतिनिधि

    ग्रामीण विकास का दारोमदार पंचायतों पर है लेकिन जिले में सवा सौ से अधिक पंचायतों के भवन जर्जर हैं। जबकि करीब 33 के पास तो खुद के भवन ही नहीं हैं। इससे पंचायतों के काम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों कुछ नए भवनों की स्वीकृति मिली है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा बराबर है। विभाग ने अब फिर से जर्जर भवनों की मरम्मत व नए भवनों के लिए प्रस्ताव भेज दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार जिले में 6 जनपद पंचायतों के तहत 496 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 33 के पास खुद के भवन नहीं है। 128 पंचायतों के पास भवन तो हैं लेकिन वे जर्जर हालत में है। भवनों की खराब हालत देखकर पंचायतों ने नए भवन की मांग की है। जिनके आधार पर जिला पंचायत ने दिसंबर 2015 में शासन को प्रस्ताव बनाकर भी भेज थे। जिसके बाद करीब 18 पंचायत भवनों की स्वीकृति मिली है। लेकिन अभी भी बाकी को भवन का इंतजार है।

    अन्य भवनों में कर रखी व्यवस्था

    जिले की 33 ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं है। ऐसे में पंचायत कार्यालय किसी शासकीय स्कूल के अतिरिक्त कक्ष या सामुदायिक भवन में संचालित किया जा रहा है। कहीं-कहीं तो कार्यालय एक कमरे में ही लगाना पड़ रहा है।

    आती हैं परेशानी

    भवन जर्जर होने या अन्य भवनों में पंचायत कार्यालय होने से सबसे बड़ी समस्या ग्राम सभा के आयोजन की होती है। इसके लिए कई पंचायतों को अन्य स्थान पर व्यवस्था करना पड़ती है। कई जगहों पर पंचायत कार्यालय के लिए कम स्थान होने से रिकार्ड रखने की भी जगह नहीं रहती। साथ ही ई-पंचायत की अवधारणा पूरी करने में भी जर्जर भवन या भवन विहीन कार्यालय बाधा बन रहे हैं। ग्राम उदय से भारत उदय के दौरान भी पंचायतों के भवन जर्जर होने और नहीं होने से खुले मैदान में सभाएं व बैठकें करना पड़ी थी।

    कुछ की स्वीकृति मिली, बाकी के प्रस्ताव भेजे

    मामले में जिला पंचायत अतिरिक्त सीईओ आरके दीक्षित ने बताया कि पिछले दिनों कुछ नए भवनों की स्वीकृति मिली है। हालांकि सभी के काम अभी शुरू नहीं हो सके हैं। बाकी भवनों के लिए प्रस्ताव शासन को पहुंचाए हैं। जहां भवन नहीं है वहां शासकीय स्कूल या अन्य जगहों पर कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं। भवनों की वजह से कुछ परेशानी तो आ रही है। लेकिन काम में रुकावट नहीं आ रही।

    और जानें :  # dewas. panchayat
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी