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    डूब प्रभावितों का क्रमिक अनशन 10वें दिन भी रहा जारी

    Published: Tue, 18 Jul 2017 03:59 AM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 03:59 AM (IST)
    By: Editorial Team

    सेकंड लीड

    डूब प्रभावितों का क्रमिक अनशन 10वें दिन भी रहा जारी

    -प्रशासन व सरकार द्वारा सुध नहीं लेने पर आक्रोश

    -सेमल्दा पुनर्वास पर रहवासी उठा रहे पानी की किल्लत

    मनावर। नईदुनिया न्यूज

    अपनी मांगों को लेकर डूब प्रभावितों का क्रमिक अनशन 10वें दिन भी जारी रहा। ग्राम गोपालपुरा में 20 महिला, 16 पुरुष, एकलबारा में 8 महिला, 8 पुरुष, गांगली में 8 पुरुष , सेमल्दा में 4-4 पुरुष-महिला और बड़ा बड़दा में 7 महिलाएं अनशन पर बैठी हैं। सेमल्दा में दीनदयाल चलित अस्पताल के डॉ. मुकेश चौहान, डॉ. रीना चौहान, सहायक गणेश सेन ने डूब प्रभावितों की सेहत की जांच की।

    डूब प्रभावितों की आवाज नहीं सुनने तथा अभी तक सरकार द्वारा उनकी सुध नहीं लेने पर प्रत्येक स्थान पर डूब प्रभावितों में आक्रोश नजर आया। डूब प्रभावितों का कहना है कि न्यू बैक लेवल वाटर पूरी तरह से अवैज्ञानिक है। पर्यावरण कमेटी ने इसका खुलासा भी किया है, लेकिन शासन नहीं मान रहा। सरकार ने इतने वर्षों में पुर्नवास स्थलों में सुविधा क्यों नहीं जुटाई। दो महीने में ऐसी क्या प्रलय आ गई कि विस्थापन के लिए हम पर दबाव बनाया जा रहा है। 10 दिन हो गए अनशन करते हुए, लेकिन न तो प्रशासन हमारी सुन रहा है, न सरकार। सेमल्दा के मंशाराम धनगर, मुनोवर बी, शंकर आदि ने बताया कि किसान कर्ज मुक्ति यात्रा अंतर्गत डूब प्रभावित कई लोग दिल्ली गए हैं। वहां भी मंत्रियों से मिलकर यहां की समस्या रखने की कोशिश करेंगे।

    ढोंगी बाबा मुआवजा लेकर हो गया फरार

    सेमल्दा के रणवीरसिंह तोमर, गजानन मालवीया, गणेश धनगर आदि ने बताया कि एक ढोंगी बाबा ने यहां आश्रम बनाया व उसका मुआवजा लेकर फरार हो गया। उज्जैन के पास रहने वाले उक्त बाबा ने पहले तो 2002-03 में नर्मदा मंदिर के सामने 40 बाय 30 के भूखंड पर कब्जा किया। 22 फरवरी 2006 में पूर्व के सर्वे के अनुसार डूब क्षेत्र में होने से 2 लाख 9 हजार 467 रु. मुआवजा लेकर फ्राड बाबा भाग गया। आश्रम के खिड़की-दरवाजे तक निकालकर ले गया। इसमें भी रोचक तथ्य यह है कि वर्तमान में यह स्थान नए बैक वाटर लेवल के हिसाब से डूब से बाहर है। इसके डूब से बाहर होने पर भी यह भी रोचक तथ्य है कि वर्तमान में इस आश्रम का बेंच मार्क 139.94 है। जबकि नए बैक वाटर का बैच मार्क 139.93 है। .1 सेमी के अंतर के चलते ही इसे डूब क्षेत्र से बाहर बताया गया।

    सेमल्दा में पानी की किल्लत

    पुनर्वास स्थलों पर पूर्व से रह रहे लोगों को पानी की किल्लत उठाना पड़ रही है। सेमल्दा पुनर्वास के रहवासी तिलोक साकले, लालचंद्र, घीसालाल ने बताया कि यहां एक मात्र कच्चा खतरनाक कुआं है, उससे पानी भरते हैं। नईदुनिया में 29 मई 2017 को प्रकाशित समाचार 'पुनर्वास स्थलों की हालत खराब, कैसे हो विस्थापन' में इस समस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद यह कुआं वर्तमान में पक्का बनाया जा रहा है। इसलिए फिलहाल यहां से पानी नही भर सकते हैं, जो हैंडपंप है, वह पुनर्वास स्थल से बहुत दूर है। रहवासियों ने मांग की है कि जब तक कुएं का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता है पानी आपूर्ति के टैंकर की व्यवस्था की जाए।

    फोटो17एमएनआर11 सेमल्दा में अनशन पर बैठे डूब प्रभावित की सेहत की जांच करतीं चिकित्सक।

    फोटो17एमएनआर12 सेमल्दा पुनर्वास पर पेयजल की समस्या के चलते दूर से लाकर पानी की जुगत करते बच्चे।

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