Naidunia
    Thursday, May 25, 2017
    PreviousNext

    लड़की जन्म की करते हैं कामना, जन्म होने पर मनाते हैं खुशियां

    Published: Sun, 14 May 2017 05:23 PM (IST) | Updated: Mon, 15 May 2017 07:33 AM (IST)
    By: Editorial Team
    marriage 14 05 2017

    डही (धार)। एक ओर जहां दहेज की वेदी पर विवाहिताओं के साथ अत्याचार और प्रताड़ित करने के मामले सामने आते हैं, वहीं दूसरी तरफ आदिवासी समाज में वधू-मूल्य के कारण लड़कियों के जन्म पर खुशियां मनाई जाती हैं। वधू मूल्य के चलते शादी-ब्याह के अवसर पर वधू पक्ष ज्यादा फिक्रमंद नजर आता है। यहां तक कि कई बार वधू-मूल्य के दम पर वधू के पिता कर्जों की अदायगी भी कर देते हैं।

    अंचल में इन दिनों आदिवासी समाज में शादियों की जबर्दस्त धूम है। वर्तमान में इस समाज की परंपराओं में काफी बदलाव हुए हैं लेकिन धार, झाबुआ और आलीराजपुर जिले में आदिवासी समाज में वधू मूल्य की परंपरा आज भी न केवल कायम है, बल्कि पूरे शबाब पर है।

    पंचायती राज में वधू मूल्य की इस परंपरा ने प्रगति के नए इतिहास रचे हैं। वधू मूल्य यहां उस समय और ज्यादा हो जाता है, जब लड़का पहले से ही शादीशुदा हो, उसके बच्चे हो और वह किसी किशोरी से विवाह की इच्छा रखता हो। ऐसे में उसे वधू पक्ष को एक से डेढ़ लाख रुपए वधू मूल्य चुकाना पड़ता है। यह बढ़ते वधू मूल्य का ही परिणाम है कि अब यहां लड़कियों के जन्म लेने पर माता-पिता खुशियां मनाने लगे हैं, जबकि लड़के के जन्म पर अब वो जश्न कहीं नजर नहीं आता, जो एक-दो दशक पहले दिखता था।

    पंच-सरपंचों की भूमिका

    पंचायती राज के चलते बीते एक दशक में पंच-सरपंचों के नवधनाढ्य वर्ग ने वधू मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि की। इनमें से कई लोग तो ऐसे भी हैं, जिनकी पहले से दो-दो पत्नियां हैं और वे तीसरी के लिए 2 लाख रुपए से भी ज्यादा वधू मूल्य चुकाने को तैयार हैं।

    वधू मूल्य के तहत यदि कोई किशोरी भागी या भगाई हुई है, तो उसका मूल्य 20 हजार के आसपास होता है और यदि विवाहित होकर परित्यक्ता हैं तो उसके 10 से 20 हजार रुपए मांगे जाते हैं। यदि कोई किशोरी इन सबसे दूर है तो उसका वधू मूल्य 50 हजार से लेकर 80 हजार रुपए तक होता है। यदि किशोरी किसी दो पत्नी व बच्चे वाले वर को देना हो तो 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक मांगे जाते हैं।

    यही कारण है कि अब लोग अपने घरों में लड़की के जन्म की कामना करते हैं। कुंवरसिंह ने बताया कि बारेला आदिवासी समाज में वधू मूल्य कम होता है। यहां अरेंज मैरिज होने पर 5 से 10 हजार रुपए लिए जाते हैं। वहीं अन्य मामलों में यह वधू मूल्य बढ़ जाता है। उरपा आदिवासी समाज में वधू मूल्य ज्यादा होता है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी