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    ओम पुण्याहां...पुण्याहां...ओम प्रियमताम्‌...प्रियमताम्‌... से गूंजा महातीर्थ

    Published: Wed, 15 Nov 2017 08:12 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 08:12 PM (IST)
    By: Editorial Team

    आचार्य धनचंद्रसूरीजी, भूपेंद्रसूरीजी, उपाध्याय मोहनविजयजी व आचार्य हेमेंद्रसूरीश्वरजी मसा के गुरु मंदिर प्रतिमा की हुई प्रतिष्ठा व स्मृति मंदिर पर किया ध्वजारोहण महोत्सव मनाया

    राजगढ़। नईदुनिया न्यूज

    मोहनखेड़ा महातीर्थ समेत संपूर्ण जैन समाज के लिए बुधवार का दिन विशिष्ट रहा। पाट परंपरा के आचार्य देवेश श्रीमद्विजय ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी के वरदहस्तों व विशिष्ट मंत्रोच्चार से पाट परंपरा के द्वितीय आचार्य धनचंद्रसूरीश्वरजी व तृतीय आचार्य भूपेंद्रसूरीश्वरजी एवं दादा गुरुदेव के परम शिष्य उपाध्याय मोहनविजयजी की गुरु प्रतिमा की प्रतिष्ठा गुरु स्मृति मंदिर में हुई। आचार्य श्रीमद्विजय हेमेंद्रसूरीश्वरजी के समाधि मंदिर में गुरु प्रतिमा एवं शिखर पर स्वर्ण कलश के साथ ध्वजा फहराई गई।

    बुधवार सुबह 11.05 बजे शुभ मुहूर्त में आचार्यश्री के विशिष्ट मंत्रोच्चारों के साथ ओम पुण्याहां... पुण्याहां... ओम प्रियमताम्‌... प्रियमताम्‌...के घोष के साथ स्मृति मंदिर में पुखराज चम्पालाल कंकुचोपड़ा परिवार ने आचार्य धनचंद्रसूरीजी को गादी पर विराजित किया। श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट के तत्वावधान में 11 से 15 नवंबर तक श्रीमद्विजय धनचंद्रसूरीश्वरजी के स्मृति मंदिर के ध्वजारोहण व आचार्य हेमेंद्रसूरीश्वरजी के गुरु समाधि मंदिर प्रतिष्ठा के लिए पांच दिवसीय महोत्सव शनिवार से हो रहा है। मंगलवार शाम चढ़ावों की जाजम मोहनलाल सागरमलजी सेठ ने बिछाई। जाजम पर आनंदभाई ताराचंद परमार सुमेरपुर वालों ने मुनीमजी का दायित्व निभाया।

    इन परिवारों ने लिया लाभ

    बुधवार सुबह रमेशकुमार उकचंद हरण बेंगलुरु वालों ने आचार्यश्री भूपेंद्रसूरीजी व गुणवंतलाल मणीलाल शाह पाटन वालों ने उपाध्याय मोहनविजयजी की गुरु प्रतिमा को विराजित किया। मांगीलाल मुन्नीलालजी रामाणी ने प्रवर्तिनी साध्वी मानश्रीजी के पगलिए, मातुश्री सुखीदेवी की स्मृति में नरेंद्र वाणीगोता परिवार ने साध्वी विद्याश्रीजी के पगलिए व विनेशकुमार ओटमल साकला परिवार भीनमाल ने साध्वी प्रेमश्रीजी के पगलियों की प्रतिष्ठा की। आचार्य धनचंद्रसूरीश्वरजी के स्मृति मंदिर में बाबूलाल धनराज डोडिया गांधी धुंबड़िया वालों ने अमर ध्वजा फहराई व आचार्य हेमेंद्रसूरीश्वरजी के गुरु मंदिर में गुरु प्रतिमा भराने व विराजित करने का लाभ पुखराज पूनमचंद रामाणी परिवार को मिला। आचार्य हेमेंद्रसूरी गुरु समाधि मंदिर अमर ध्वजा छगनराज नगराज वजावत (अशोक वजावत) परिवार द्वारा फहराई गई। शिखर पर स्वर्ण कलश रेखा बेन कांतिलाल शाह परिवार ने स्थापित किया। श्रंगार चौकी पर पारसमल नेनमल सकलेचा मदुराई वालों ने स्वर्ण कलश स्थापित किया। स्मृति में सुखराज चमना कबदी परिवार ने स्वर्ण कलश की स्थापना की। स्फटिक रत्न की मां पद्मावती देवी की प्रतिमा सोनूबेन शैलेषकुमार दोषी परिवार भीनमाल द्वारा एवं अंबिका देवी की स्थापना शैलेषकुमार त्रिलोकचंद मेहता परिवार द्वारा की गई। नूतन मंदिर पर दिनेशकुमार सागरमल लुणावत परिवार भीनमाल वालों ने तोरण लगाया। शांतिलाल दैयप्प थराद वालों ने हेलिकॉप्टर में बैठकर प्रथम तीन राउंड में, द्वितीय तीन राउंड पारसमल नेनमल सकलेचा और तीसरे तीन राउंड में रेखादेवी कांतिलाल शाह परिवार ने संपूर्ण मोहनखेड़ा तीर्थ पर पुष्पवर्षा की। प्रतिष्ठा की थाली बजाकर उद्घोषणा चंपालाल किशोरचंद वर्धन परिवार ने सभी समाजजनों को दी। हेमेंद्रसूरीश्वरजी की प्रतिमा भराने के लाभार्थी ने छत्री पर स्वर्ण कलश की स्थापना करते हुए गुरु भंडार भरने का लाभ भी लिया। नूतन मंदिर में कंकू के थापे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हुक्मीचंद लालचंद वागरेचा परिवार ने लगाए। प्रतिष्ठा से पूर्व पुखराज केसरीमल कंकूचोपड़ा परिवार ने माणक स्तंभ की स्थापना की। प्रतिष्ठा के तुरंत बाद हेमेंद्रसूरीश्वरजी की प्रथम आरती का लाभ नेमीचंद बाबूलाल संघवी परिवार को प्राप्त हुआ। मफतलाल पुखराजजी मेहता परिवार भीनमाल द्वारा गुरु प्रतिमा के समक्ष माणक लड्डू अर्पित किया। आनंद परमार परिवार ने सवा लाख अक्षत से गहुली की।

    इनकी रही निश्रा

    पांच दिवसीय आयोजन की पूर्णाहुति आचार्य ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी, मुनिराज हितेशचंद्रविजयजी, दिव्यचंद्रविजयजी, रजतचंद्रविजयजी, चंद्रयशविजयजी, वैराग्ययशविजयजी, जिनचंद्रविजयजी, जीतचंद्रविजयजी, जनकचंद्रविजयजी, साध्वी किरणप्रभाश्रीजी, सद्गुणाश्रीजी, संघवणश्रीजी आदि की निश्रा में हुई।

    आचार्यश्री को अर्पित की कामली

    प्रतिष्ठा के बाद आचार्यश्री ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी को कामली अर्पित करने का लाभ संघवी लीलाबाई पुखराजजी पूनमचंद रामाणी परिवार ने लिया। आचार्यश्री का गुरुपूजन कर साकलचंद चुन्नीलाल तांतेड़ परिवार ने समाजजनों को जय जिनेंद्र किया। श्री राजऋषभ गुरुभक्त परिवार मुंबई द्वारा फले चुंदड़ी का लाभ लेकर सभी गुरुभक्तों एवं समाजजनों को गुरुप्रसादी से मुंह मीठा कराया।

    ये रहे कार्यक्रम में मौजूद

    ट्रस्ट उपाध्यक्ष पृथ्वीराज सेठ, महामंत्री फतेहलाल कोठारी, मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, कोषाध्यक्ष हुक्मीचंद वागरेचा, ट्रस्टी शांतिलाल सांकरिया, मांगीलाल पावेचा, कमल लुणिया, बाबूलाल खिमेसरा, जयंतीलाल बाफना, चंपालाल वर्धन, शांतिलाल दैयप्प, राज्यसभा सांसद एवं ट्रस्टी मेघराज जैन, पृथ्वीराज कोठारी, संजय सराफ एवं मांगीलाल रामाणी, सुखराज कबदी, बाबूलाल धुम्बडिया, राजमल वाणीगोता, फुटरमल रामाणी, रमेश हरण, साकलचंद तांतेड़, कांतिलाल शाह, जयंतीलाल कंकूचोपड़ा, राजकुमार लोढ़ा, राजेंद्र लोढ़ा, हीरालाल मेहता, प्रकाश सेजलमणी, राजगढ़ के वरिष्ठ मणीलाल खजांची, सेवंतीलाल मोदी, राजेंद्र खजांची, दिलीप भंडारी, नरेंद्र भंडारी, संतोष पिपाड़ा, महाप्रबंधक अर्जुनप्रसाद मेहता, सहप्रबंधक प्रीतेश जैन सहित समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित थे।

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