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    मोबाइल नंबर जनसुनवाई में लाना हुआ अनिवार्य

    Published: Tue, 20 Jun 2017 10:02 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 10:02 PM (IST)
    By: Editorial Team

    अनूपपुर।

    मंगलवार को हुई जनसुनवाई में आवेदन कर्ताओं का मोबाइल नंबर लिया गया जिससे की आवेदन निराकरण की जानकारी दी जा सके। पिछले साप्ताहिक जनसुनवाई से सीएम हेल्पलाईन से आवेदन को लिंक कर दिया गया है। इस जनसुनवाई में कई आवेदन कर्ताओं को मोबाइल नंबर की जानकारी नहीं थी जिससे उनके आवेदकन लिए तो गए पर सीएम हेल्पलाईन से नहीं जुड़ सके। यहां आने वाले लोगों से आवेदन के साथ मोबाइल नंबर भी मांगा जा रहा है जो ग्रामीण क्षेत्र के अशिक्षित लोगों के लिए यह प्रक्रिया परेशानी भरा साबित हो रही है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में अपरकलेक्टर आरपी तिवारी ने जनसुनवाई की जिन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदनों का निराकरण संबंधित विभाग को समय-सीमा में करने निर्देशित किया।

    अधिग्रहित जमीन का नहीं दिया मुआवजा

    जनसुनवाई में चचाई थाना क्षेत्र के ग्राम बकही के लगभग 20 ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और आवेदन के माध्यम से शिकायत में कहा कि एक वर्ष पहले उनके घर के सामने एनएच 78 सड़क का निर्माण हो रहा था तो सड़क के लिए जिला प्रशासन ने उनकी जमीन जिसमें दुकान, मकान थे को अधिग्रहित कर लिया था। जमीन के बदले मुआवजा देने को कहा गया था जो अभी तक नहीं मिला। कई बार एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया गया और अधिकारी को भी अवगत कराया गया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुछ लोगों को मुआवजा मिल चुका है। इस दौरान चंदा बाई, मोती जायसवाल, सुरेश यादव व ज्ञानचंद महरा सहित अन्य मौजूद रहे।

    लापता बेटे को तलाशा जाए

    पुष्पराजगढ़ तहसील के ग्राम गोंदा निवासी बाबूलाल सिंह ने पुलिस अधीक्षक के यहां आवेदन देकर 15 वर्षीय पुत्र सत्यम सिंह के पता तलाश हेतु गुहार लगाई। बाबूलाल सिंह ने बताया की 4 मई को कोन्हा टोला करपा निवासी सरिता और संगीता पुत्र सत्यम को लेकर बाजार ले गई थी। जहां से सत्यम वापस नहीं आया। बताया गया दोनों लड़कियों द्वारा सत्यम के बारे में सही जानकारी नहीं दी जा रही। पुलिस भी कोई कार्रवाई नही की।

    मजदूरी का भुगतान 3 साल से नहीं मिला

    पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत गोंदा के बरबसपुर मोहल्ला में मेड़ बंधान, सीसी रोड का निर्माण 28 अक्टूबर 2014 से 11 नंवबर तक पंचायत ने कराया। 3 साल हो गए मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत थी। सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक के द्वारा उक्त कार्य कराए गए। मजदूरों ने बताया की पंचायत रोजगार सचिव को पंचायत से हटाया जाए और भुगतान कराया जाए इसी तरह यहां के पेंशन धारियों ने भुगतान न होने की शिकायत की।

    अंकसूची में की गई गड़बड़ी

    कक्षा 9 वीं की छात्रा सेफाली रजक पिता राजेश निवासी चचाई ने जनसुनवाई में आवेदन देकर परीक्षा प्रभारी और मूल्याकंन कर्ताओं पर परीक्षा फल तैयार करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया कि 12 मई को रिजल्ट घोषित हुआ था पर रिजल्ट न देकर कहा गया पास हो गए हो। अंकसूची न आने की जानकारी तब दी गई थी। इसके बाद कुछ दिन पश्चात पुनः जब रिजल्ट पता किया गया तो सूचना पटल में दो विषय में पूरक बताया गया। उसी समय परीक्षा शुल्क जमा कर फार्म भराया गया। 15 जून को जब परीक्षा के बारे में पता करने स्कूल गई तो अनुर्तीण की अंकसूची दी गई जबकि पहले पूरक आना बताया गया था। हर बार संस्था द्वारा गलत जानकारी दी गई। जो अंकसूची दी गई। उसमें हाथ से अनुर्तीण लिखकर दिया गया। छात्रा सेफाली ने कॉपी दिखाए जाने और पुनः मूल्याकंन कराने और दोषी शिक्षकों के विरूद्घ कार्रवाई की मांग की है।

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