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    खरीफ की बोवनी का रकबा 18 हजार हेक्टेयर बढ़ा

    Published: Tue, 20 Jun 2017 10:23 PM (IST) | Updated: Tue, 20 Jun 2017 10:23 PM (IST)
    By: Editorial Team

    अनूपपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    मानसून अभी पूरी तरह जिले में सक्रिय नहीं हो सका है। जिसकी वजह से खरीफ की मुख्य फसल धान सहित अन्य दलहन और तिलहन की फसलें किसान बो नहीं पा रहे। बारिश का इंतजार किसान सहित कृषि विभाग को है, कृषि विभाग ने गत वर्ष 1 लाख 66 हजार 70 हेक्टेयर बोवनी का लक्ष्य रखा था जिसमे 177.52 हेक्टेयर में बोवनी किसान ने की थी पर नियमित वर्षा न होने से फसल सिंचाई के अभाव में कमजोर हुई थी। किसान पिछले वर्ष मानसून की दगा बाजी की वजह से फसल का उत्पादन बेहतर तरीके से नहीं कर सके। शासन को भी कम अनाज के उत्पादन की वजह से धान की खरीदी कम करनी पड़ी थी। त्रᆬण दाता किसानों को कमजोर फसल के कारण त्रᆬण अदायगी में काफी दिक्कतें आई थी। इस वर्ष मानसून की अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए कृषि विभाग ने बोवनी का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 18 हजार हेक्टेयर बढ़ाया है। 1 लाख 84 हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल जिले में ली जाएगी बस अब बारिश का इंतजार रह गया है।

    1.36 हजार हेक्टेयर में हो गई बोवनी

    अनूपपुर में 4 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र है यहां के चारों तहसीलों में किसान धान की फसल अनिवार्य रूप से अपनी जमीनों पर लेते आए हैं। जब भी मौसम का साथ रहा है फसल भी अच्छी हुई है। पिछले वर्ष 47 हजार क्विंटल धान का उत्पादन हो सका था। इस वर्ष भी खरीफ फ सलों में अनाज,दलहन,तिलहन की फसलों की बोवनी होगी। बीते वर्ष अल्प वर्षा की वजह से धान का उत्पादन भले ही कम हुआ लेकिन रकबा को घटाने की जगह बढ़ाया गया है। 16 जून की स्थिति में धान 56 हेक्टेयर, मक्का 80 हेक्टेयर में बो लिया गया है।

    इस वर्ष इस तरह है बोवनी लक्ष्य

    जिले में वर्ष 2017 खरीफ फसल का क्षेत्राच्छादन कृषि विभाग ने तय कर लिया है जिसके मुताबिक खरीफ की अनाज फसलों में धान 125 हजार हेक्टेयर, मक्का पिछले वर्ष 15.50 हजार हेक्टेयर में बोना था इस बार 14 हजार का लक्ष्य रखा गया। ज्वार भी 5 हजार हेक्टेयर घटाया गया है 30 हेक्टेयर में इस फसल को लिया जाएगा। कोदो और कुटकी का रकबा 3 हेक्टेयर बढ़ाया गया है। गत वर्ष इसका रकबा 9.40 हेक्टेयर था इस वर्ष 13 हजार निर्धारित किया गया है। खरीफ की दलहन फसल में उड़द का रकबा 4 हजार घटा है 8.25 हजार हेक्टेयर की जगह 4 हजार रखा गया। मूंग भी 2.10 की जगह 1.25 हेक्टेयर में बोई जाएगी। अरहर 10.50 हजार हेक्टेयर में इसका भी 1 हजार रकबा कम हुआ है। वहीं तिलहन फसल में रामतिल के लिए 8.50, तिल 1.7 हजार हेक्टेयर, सोयाबीन 5.70 हजार और मूंगफली 90 हेक्टेयर में की जाएगी।

    धान रकबे में 4 प्रतिशत इजाफा

    जिले में 1 लाख 10 हजार 789 किसान हैं जो धान की फसल जिले में सबसे अधिक लेते हैं, वर्ष 2014 में 107.30 हेक्टेयर, वर्ष 2015 में 110 और 2015 में 102 हेक्टेयर धान बोने का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन किसानों ने 121.35 हजार हेक्टेयर में फसल बोई थी उसी आधार पर कृषि और भू-अभिलेख विभाग ने धान का रकबा 4 प्रतिशत बढ़ाया है।

    अभी तक 135 एमएम बारिश

    जिले में अभी 135 मिमी बारिश हुई है। तेज बारिश न होने से जमीन भीग नहीं पा रही है। किसान खेतों की जुताई लगभग कर चुके है। खाद और बीज की व्यवस्था बना रहे हैं। कृषि विभाग भी समितियों के माध्यम से बीज और उर्वरक का वितरण किसानों को कर रहा है। किसानों के अनुसार बारिश का पहला चरण शुरू हो जाना चाहिए पर अभी बारिश की संभावना नजर नहीं आ रही ऐसे में फसल की बुवाई का कार्य पिछड़ता जाएगा।

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