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    पिपरौदाखुर्द की क्रेशर खदान की लीज निरस्त

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    गुना। नवदुनिया न्यूज

    पिपरौदाखुर्द की जिस स्टोन क्रेशर के गड्ढे में डूबने से सात बच्चों की मौत हो गई थी। प्रशासन ने अब उस खदान की लीज निरस्त कर दी है। इसके अलावा आपराधिक प्रकरण की कार्रवाई जारी है, जिसमें आरोपी क्रेशर संचालकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

    गौरतलब है कि नवरात्र के मौके पर झांकी का चंदा लेने ललुआटोरा की एक स्टोन के्रशर पर गए पिपरौदाखुर्द के सात बच्चे गिट्टी खदान के एक गड्ढे में डूब गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने जिले में चल रहीं खदानों के संचालकों को गड्ढों के चारों ओर तार फेंसिंग और पानी भरा होने की स्थिति में चौकीदार रखने के निर्देश दिए थे। वहीं खदान संचालक यशवंत अग्रवाल सहित एक अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया था। अब कलेक्टर राजेश जैन ने यशवंत पुत्र छीतरमल अग्रवाल की पिपरौदाखुर्द स्थित क्रेशर खदान सर्वे क्रमांक 124/2/1 रकबा 2 हेक्टेयर की लीज भी निरस्त कर दी है। खदान की लीज लापरवाही के चलते हुए हादसा को लेकर निरस्त की गई है। जबकि अन्य खदान संचालकों ने अपनी खदानों पर सभी शर्तों का पालन कर नोटिस का जवाब दे दिया था।

    जांच पूरी, चालान भी हुआ पेश

    ललुआटोरा के पास स्टोन क्रेशर में सात बच्चों की मौत के हादसा के बाद मामले की मजिस्ट्रीयल जांच कराई गई। कैंट थाना प्रभारी आनंद वाजपेयी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रीयल जांच पूरी हो गई है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत मिल गई है, अब मामले का चालान न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

    खदान संचालक ने की पुलिस से शिकायत

    पिपरोदाखुर्द के ललुआटोरा में सात बच्चों की मौत के बाद से खदान संचालक सतर्क हो गए हैं। वे न केवल लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार दिखाई दे रहे हैं, बल्कि लोगों के नहीं मानने पर अब पुलिस में भी शिकायत करने लगे हैं। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि एक खदान संचालक ने खुद लोगों की शिकायत पुलिस से की है। उन्होंने बताया बजरंगगढ़ क्षेत्र के एक खदान संचालक ने पुलिस को बताया है कि उनकी खदान के गड्ढों के आसपास तारफेंसिंग लगा दी गई है और चौकीदार भी है, लेकिन इसके बाद भी कई लोग और बच्चे गड्ढों में भरे पानी में नहाने आ जाते हैं।

    0112जीयूएनए-16, गुना। वह खदान जिसमें डूबकर सात बच्चों की मौत हो गई थी।

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