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    डेबिट कार्ड से शॉपिंग पर अतिरिक्त दो प्रतिशत टैक्स लेना जायज नहीं

    Published: Sun, 16 Jul 2017 10:09 PM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 08:33 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    ग्वालियर। शॉपिंग मॉल और दुकानदारों से सामान खरीदी पर पीओएस मशीन से भुगतान करना आम उपभोक्ता के लिए मुसीबत बन चुका है। इस मुसीबत का सामना कर चुके शहर के कियोस्क संचालक पुनीत झा ने आरटीआई में जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से इस परेशानी को साझा किया और इस संबंध में कोई गाइडलाइन मांगी तो आरबीआई ने उन्हें बताया कि जून 2013 में ही सभी बैंक के सीईओ और चेयरमैन को सर्कुलर जारी किया था।

    इसमें स्पष्ट कर दिया था कि अगर कोई दुकानदार पीओएस मशीन से भुगतान करने वाले आम उपभोक्ता से दो प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स की वसूली करता है तो बैंकों को उस दुकानदार या फर्म संचालक से अपना द्विपक्षीय एग्रीमेंट समाप्त कर लेना चाहिए। हालांकि, इस सर्कुलर का पालन किसी भी बैंक ने नहीं किया।

    नईदुनिया ने 29 मई के अंक में 'कैशलेस ट्रांजेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं से हो रही अवैध वसूली' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस पूरी गड़बड़ी को उजागर किया था। बैंक अधिकारी यह तो मानते हैं कि उपभोक्ताओं से डेबिट कार्ड से भुगतान पर लिया जाने वाला दो प्रतिशत टैक्स की वसूली गलत है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर वे गेंद आरबीआई के पाले में डाल देते हैं।

    उधर आरबीआई भी इस पूरे मामले को गलत मानता है, लेकिन कार्रवाई के लिए वे भी बैंकों को पूरी तरह से जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। फिलहाल दोनों जिम्मेदार संस्थाएं गलत को गलत कह कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही हैं, लेकिन आम उपभोक्ता हर रोज शॉपिंग मॉल और उन दुकानदारों के पास ठगा जा रहा है, जहां कैशलेस ट्रांजेक्शन के नाम पर उपभोक्ता से डेबिट कार्ड से भुगतान पर दो प्रतिशत अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

    क्या हुआ था शिकायतकर्ता के साथ

    कियोस्क संचालक पुनीत झा ने जयेन्द्रगंज स्थित राजीव प्लाजा में 'वीरेन्द्र जैन लैपटॉप एंड मोबाइल गैलरी' से एक लैपटॉप खरीदा था। इसका भुगतान उन्होंने पीओएस मशीन के जरिए किया तो दुकानदार ने उनसे 34 हजार 680 रुपए वसूल लिए। जबकि उसे सिर्फ 34 हजार रुपए लेने चाहिए थे। यानी पूरे 680 रुपए अतिरिक्त लिए गए। इसका कारण पूछा तो दुकानदार ने कहा कि पीओएस मशीन से भुगतान करने पर दो प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। पुनीत ने इसका विरोध किया तो दुकानदार बोला कि चूंकि बैंक हमसे दो प्रतिशत टैक्स लेती हैं, इसलिए हम आपसे वसूल रहे हैं।

    बैंक लेती हैं दुकानदार से टैक्स, वसूली उपभोक्ता से होती है

    नईदुनिया ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी एवं जिले में लीड बैंक मैनेजर दीपक कुमार जैन से बात की। उन्होंने बताया पीओएस मशीन से भुगतान लेने वाले दुकानदारों से विभिन्न बैंक एक से दो प्रतिशत टैक्स वसूल करती हैं। लेकिन यह वसूली उपभोक्ताओं से बैंक नहीं करते हैं। श्री जैन बताते हैं कि बैंक द्वारा लिए जाने वाले टैक्स की वसूली अगर कोई दुकानदार उपभोक्ता से करता है तो यह पूरी तरह से अवैध और गैर कानूनी है। लेकिन कार्रवाई के मामले पर वे आरबीआई में शिकायत करने को कहते हैं।

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