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    मंत्री ने एंबुलेंस को फोन लगाया, नहीं आई तो खुद महिला को ले गईं अस्पताल

    Published: Fri, 16 Jun 2017 03:58 AM (IST) | Updated: Fri, 16 Jun 2017 06:21 PM (IST)
    By: Editorial Team
    minister take women hospital 2017616 182137 16 06 2017

    ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह जब बुधवार को रानी महल में आमजन की समस्याएं सुन रही थीं, तभी एक महिला उनके पास अपनी समस्या का निराकरण करवाने पहुंची और अचानक महिला बेहोश हो गई। महिला के बेहोश होने पर पहले तो मंत्री ने खुद 108 एंबुलेंस को बुलाने फोन किया, जब एंबुलेंस नहीं आई तो फिर जेएएच अधीक्षक को फोन लगाया लेकिन इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।

    इसके बाद मंत्री खुद अपनी कार में लेकर महिला को जाने लगी तो रानी महल से कुछ दूरी पर एंबुलेंस आती दिखी। पहले तो वहां एंबुलेंस चालक को फटकार लगाई। फिर खुद भी महिला के साथ जेएएच पहुंच गई और उसे भर्ती करवाया। यहां जेएएच अधीक्षक की जमकर क्लास ली।

    मंत्री माया सिंह सुबह रानी महल में जब समस्याएं सुन रही थीं। तभी भिंड के रायपुरा रौन भिंड से समस्या लेकर राजकुमारी पत्नी हीरा सिंह चौहान आई। मंत्री उस महिला की समस्या सुन ही रहीं थी कि तभी अचानक महिला बात करते करते बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला के गिरते ही मंत्री ने खुद तत्परता दिखाई और मोबाइल से 108 एंबुलेंस को बुलाने फोन किया। फोन लगाने के आधा घण्टे बाद तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो मंत्री ने जेएएच अधीक्षक डॉ.जेएस सिकरवार को फोन लगाकर कहा कि एंबुलेंस जल्दी भिजवाने की व्यवस्था करें।

    जेएएच अधीक्षक ने हामी तो भर दी लेकिन इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। 45 मिनट बाद मंत्री ने वहां मौजूद स्टाफ को गाड़ी निकालने को कहा तो और खुद ही अपनी गाड़ी में बैठाकर जेएएच के लिए रवाना होने लगी। तभी कुछ दूरी पर एंबुलेंस आती दिखाई दी। एंबुलेंस के रुकते ही मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। महिला को एंबुलेंस में शिफ्ट किया। इसके बाद एंबुलेंस के साथ ही खुद भी मंत्री जेएएच पहुंच गई।

    मंत्री के आने की सूचना मिलने पर जेएएच प्रबंधन में खलबली मच गई। मंत्री जेएएच पहुंची और महिला को एंबुलेंस से उतरवाकर उसे भर्ती करवाया। यहां अधीक्षक को जब उन्होंने देखा तो कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने कहा कि आप लोग मेरी नहीं सुन रहे, मेरे फोन करने पर बार-बार यह कह रहे हैं कि एंबुलेंस भेज रहे हैं लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंच रही आप आम जनता की क्या हालत करते होंगे। महिला की अपने सामने जांच करवाई। कुछ देर बाद महिला की हालत में सुधार आया तो मंत्री वहां से रवाना हो गई।

    मंत्री से करूंगी बात

    एंबुलेंस जैसी सेवा पहुंचने में देरी होने का मतलब है किसी के जीवन से खिलवाड़। यह सेवा सूचना मिलते ही तत्काल पहुंचना चाहिए। एंबुलेंस और जेएएच की लचर व्यवस्था के संबंध में मैं संबंधित मंत्री से इसकी शिकायत करूंगी। - माया सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, मप्र शासन

    स्वास्थ्य पर रखी निगाह और फिर गाड़ी से घर छुड़वाया

    मंत्री ने पूरे दिन महिला के स्वास्थ्य की जानकारी फोन पर ली। शाम को जब उसके स्वास्थ्य में सुधार आ गया तो संभागायुक्त एसएन रूपला से बोलकर महिला को उसके घर तक गाड़ी से भिजवाया।

    यह शिकायत लेकर पहुंची थी महिला

    मंत्री माया सिंह ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए बताया कि जब मैं भिंड की प्रभारी थी तो यह महिला मेरे पास शिकायत लेकर आई थी कि जहां वह खेती करती है, उस जगह कंस्ट्रक्शन को रुकवा दिया जाए। उस समय कलेक्टर को बोलकर समस्या का समाधान करने को कहा था। कुछ दिनों पहले महिला फिर मिली थी। आज महिला फिर आ गई। महिला की समस्या सुन ही रहे थे कि अचानक वह बेहोश हो गई।

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