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    हनुमान जी ने चोरी के मामले को मिनटों में सुलझा दिया

    Published: Wed, 14 Jun 2017 09:26 PM (IST) | Updated: Sat, 17 Jun 2017 02:35 PM (IST)
    By: Editorial Team
    demo 14 06 2017

    ग्वालियर। कम्पू थाने में बुधवार दोपहर को हनुमान जी ने एक चोरी के मामले को मिनटों में सुलझा दिया। जेएएच में जेब काटने के आरोप में पकड़े गए संदेही को भीड़ थाने लेकर पहुंची। यहां पुलिस के सामने संदेही ने खुद को निर्दोष बताते हुए रुपए थाना परिसर में बने हनुमान मंदिर में रख दिए। पीड़ित ने 3500 रुपए अपने कहते हुए उठा लिए। बस हनुमान जी के सामने हो गया फैसला। इसके बाद पुलिस ने जिसकी जेब कटी थी, उससे लिखित में लिया कि अब उसे इस युवक से कोई शिकायत नहीं है और दोनों को जाने दिया।

    मुरैना के जौरा निवासी मनपाल सिंह कुशवाह पुत्र हाकिम सिंह पेशे से टीचर हैं। दो दिन पहले गांव से उनके फूफा पथरी का इलाज कराने के लिए आए थे। जिन्हें मनपाल ने जेएएच में भर्ती कराया था। बुधवार दोपहर फूफा की ब्लड रिपोर्ट लेने के लिए वह पत्थर वाली बिल्डिंग में पहुुंचा था।

    जिस समय मनपाल लाइन मंे लगा था, तभी अचानक किसी ने उनकी जेब मंे हाथ मारा और 3950 रुपए निकाल लिए। जेब पर हाथ लगने का अहसास होते ही मनपाल ने तत्काल जेब पर हाथ लगाने वाले को पकड़ लिया। इसी बीच एक लड़का जो लाइन में संदेही जेबकट के पीछे लगा था, वह लाइन से निकलकर बाहर की तरफ भाग गया।

    संदेही युवक को पकड़ने के बाद शोर मचाया तो उसने मनपाल को लात मारकर भागने का प्रयास किया, लेकिन उसने हाथ नहीं छोड़ा। इस समय वहां भीड़ एकत्रित हो गई और संदेही को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदेही व फरियादी को कम्पू थाने ले आई। यहां पुलिस ने फरियादी की बात सुनी। फिर संदेही से पूछताछ की तो उसने भी चोरी करने से इनकार किया और अपनी मां के इलाज के लिए आने की बात कही।

    समझ नहीं आया तो हनुमान जी ने किया फैसला

    दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। जब थाने में बैठे दीवान को कुछ समझ नहीं आया तो उसने थाना परिसर में ले जाकर दोनों को कसम खाने के लिए कहा। दोनों अपने-अपने बयान को कसम खाने के बाद यथावत रखा। इसके के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने के लिए कहा।

    इस पर संदेही ने कहा कि मेरे पास 3500 रुपए हैं, ये मैं हनुमान जी के सामने रख देता हूं। यदि यह मनपाल के हैं तो वह उठा ले और चला जाए। मंदिर पर उसके रुपए रखते ही मनपाल ने अपने बताते हुए उठा लिए। इसके बाद वहीं फैसला हो गया।

    नहीं कराई एफआईआर लिखकर दिया संतुष्ट हूं

    मंदिर में फैसला होने के बाद दोनों पक्ष संतुष्ट नजर आए। मनपाल ने पुलिस के कहने पर उसे लिखित में दिया कि उसके पैसे उसे मिल गए हैं और उसे अब किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह मामला दर्ज नहीं कराना चाहता है। जिसके बाद दूसरे पक्ष को भी जाने दिया।

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